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तीन लाख विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई की सौगात

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बलरामपुर। जिले के करीब ढाई हजार स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई की कवायद की जा रही है। तीन लाख विद्यार्थियों को अब ऑनलाइन पढ़ाई की सौगात मिलेगी। कोरोना के बढ़ते प्रकोप से विद्यार्थियों को सुरक्षित रखने के लिए स्कूलों का संचालन नहीं हो पा रहा है। ऑनलाइन शिक्षण कार्य से अभिभावकों का जेब खर्च भी कम होगा। महंगी किताबों को वेबसाइटों पर अपलोड करा दिया गया है। कोरोना संकट काल में विद्यार्थी मोबाइल पर ही पसंदीदा पाठ्य सामग्री अपलोड करें। चंद रुपयों के इंटरनेट खर्च पर ही विद्यार्थी हजारों रुपयों की किताबें डाउनलोड कर सकते हैं।
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कोरोना संकट काल में स्कूलों का संचालन कब शुरू होगा, इसका किसी को पता नहीं है। गंभीर परिस्थितियों में विद्यार्थियों को घर बैठे शिक्षा दिलाने के लिए सभी प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। महाविद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में करीब 20 से अधिक डिग्री कॉलेजों, पांच तकनीकी शिक्षण संस्थानों, 152 माध्यमिक स्कूलों, 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक, 12 सीबीएसई व दो आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों में विद्यार्थियों को वर्चुअल कक्षाएं पढ़ाई जा रही हैं।
नए शिक्षा सत्र 2020-21 में इन सभी स्कूलों के करीब तीन लाख विद्यार्थियों को व्हाट्सएप वर्चुअल क्लास के माध्यम से असाइनमेंट दिए जा रहे हैं। शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों, प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों व हेडमास्टरों के ग्रुप व्हाट्सएप के माध्यम से रोजाना पाठ्यक्रम के हिस्से पढ़ाने पर चर्चा की जा रही है। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभागों की तरफ से ई-लेक्चर के वीडियो और ई-किताबें ग्रुप पर मुहैया कराई जा रही हैं।
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विभागों की तरफ से मुहैया कराई जा रही पाठ्य सामग्री शिक्षकों के ग्रुप पर शेयर की जा रही है। सभी शिक्षकों ने बाकायदा टाइम टेबल बनाकर पढ़ाना शुरू कर दिया है। विद्यार्थी जरूरत की पाठ्य सामग्री डाउनलोड करके पढ़ाई कर सकते हैं। स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य से अभिभावकों का जेब खर्च भी कम होगा। कोरोना के संकट काल में विद्यार्थी मोबाइल पर ही पसंदीदा पाठ्य सामग्री अपलोड कर सकते हैं। चंद रुपयों के नेट खर्च पर ही हजारों रुपये की किताबें डाउनलोड की जा सकती हैं।
तीन करोड़ रुपये की किताबों का कारोबार प्रभावित
कॉपी-किताबों की दुकानें चलाने वाले कारोबारियों का मानना है कि कोविड-19 के चलते शिक्षा सत्र 2020-21 में करीब तीन करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। कई कारोबारियों ने अभिभावकों के घर पर कॉपी-किताबें पहुंचाई हैं। स्कूलों का संचालन न होने से अभिभावकों की कॉपी-किताबें खरीदने में रुचि नहीं बढ़ रही है।
समय के साथ करना होगा समझौता
डीआईओएस महेंद्र कुमार कनौजिया व बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि कोविड-19 के चलते अब पूरे समाज को नए तरीके से समय के साथ समझौता करना होगा। जब तक स्थितियों में कोई सुधार नहीं होता है तब तक विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षण कार्य करना होगा। सभी शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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