बलरामपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनूप कुमार पांडेय ने शनिवार को मुकदमों की सुनवाई के दौरान मतपेटिका में पानी डालने का दोषी मानते हुए तीन दोषियों को जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाई है। 30 वर्ष पहले पंचायत चुनाव में लाठी-डंडा लेकर तीनों बूथ में घुस गए और बवाल किया था। इस दौरान पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तीनों को तीन दिन जेल में बंद रखा था। न्यायाधीश ने दोषियों पर 3500-3500 रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
पीठासीन अधिकारी अवध बिहारी निवासी सिरई थाना मोतीगंज जिला गोंडा ने 12 अप्रैल 1995 को कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि विपक्षी ननकऊ उर्फ योगेंद्र, झुल्लुर व पिंकू सिंह निवासी ग्राम सेखुईया लाठी-डंडा लेकर बूथ में घुस गए। मतपेटिका में पानी डालकर चुनाव में बाधा उत्पन्न की। पुलिस ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करके तीनों को जेल भेज दिया था। जेल में तीन दिन बिताने के बाद तीनों की जमानत मिल गई थी।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद ननकऊ उर्फ योगेंद्र, झुल्लुर व पिंकू सिंह को पंचायत चुनाव की मतपेटिका में पानी डालने और बाधा पहुंचाने का दोषी मानते हुए जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाई है। तीनों पर अर्थदंड भी लगाया है।