बलरामपुर। दिवाली में इस बार पटाखा कारोबार मंदा रहने के आसार हैं। कड़ी बंदिशों के चलते जिले में पटाखा कारोबार करने लिए लोग लाइसेंस लेने से कतरा रहे हैं। कड़ी बंदिशें लागू होने के चलते पटाखों की बिक्री पर संशय है। जिले में हर बार पटाखों की बिक्री के लिए प्रशासन की ओर से स्थायी व अस्थायी लाइसेंस दिए जाते थे लेकिन बढ़ते प्रदूषण के चलते इस बार लाइसेंस निर्गत होने में कठिनाई आ गई है।
गौरतलब हो किया जिले में पिछले साल दिवाली पर स्थायी व अस्थायी करीब 50 कारोबारियों ने एक से सवा करोड़ रुपये तक का पटाखा कारोबार किया था। कोविड-19 महामारी, बीते दिनों नगर में हुई पटाखा धमाके की घटना और पर्यावरण प्रदूषण के चलते इस बार पटाखा कारोबारियों पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। पटाखा लाइसेंस जारी करने में प्रशासन फूक-फूंककर कदम उठा रहा है।
कड़ी बंदिशों के चलते पटाखा कारोबार के लिए लोग आवेदन करने से भी कतरा रहे हैं। जिले में इस बार किसी के पास पटाखा कारोबार का स्थायी लाइसेंस भी नहीं है। जिले में पटाखा कारोबार के लिए कुछ लोगों ने अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। दीपावली में अब महज दो दिन ही शेष बचे हैं ऐसे में आवेदन करने वाले कारोबारियों को लाइसेंस मिलने की उम्मीद कम दिख रही है। पटाखा कारोबार के लिए उतरौला तहसील में अभी तक मात्र एक लाइसेंस सशर्त जारी किया गया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि दीपावली पर पटाखों की बिक्री के लिए कारोबारियों को संबंधित तहसील के एसडीएम के पास ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करना होगा। जांच के बाद संबंधित एसडीएम पटाखा बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करेंगे। शर्तों व नियमों का अनुपालन करते हुए प्रशासन की तरफ से आवंटित स्थल पर ही लाइसेंसी कारोबारी पटाखों की बिक्री कर सकेंगे। बिना लाइसेंस के पटाखा बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।