हरैया सतघरवा। ग्राम पंचायत सिकंदरबोझी की करीब सात हजार की आबादी फिर इस बार गर्मी में पानी के लिए तरसेगी। हर घर नल से जल योजना के तहत 2 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी तो बन गई, लेकिन एक बूंद पानी भी ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही ग्रामीणों की समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं।
ग्राम पंचायत के कुल पांच मजरों में से सोनडीह, सुल्ताना कला और रमवापुर में अब तक पाइपलाइन नहीं बिछाई जा सकी है, जिससे यहां के सैकड़ों ग्रामीण परिवार स्वच्छ पेयजल से वंचित हैं। करोड़ों से टंकी बनने के बावजूद जल आपूर्ति शुरू न होने से ग्रामीणों में रोष और निराशा दोनों देखने को मिल रही है।
अधूरी पाइपलाइन बनी बड़ी बाधा
सिकंदरबोझी मुख्य गांव और सिकंदरबोझी पुरवा में पाइपलाइन का कार्य आंशिक रूप से कराया गया है, जबकि तीन अन्य मजरों में अभी तक कार्य शुरू भी नहीं हुआ है। जल जीवन मिशन के तहत इस परियोजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन पाइपलाइन नेटवर्क अधूरा होने के कारण पूरी योजना ही अधर में लटकी हुई नजर आ रही है। गर्मी का मौसम नजदीक आते ही जल संकट की आशंका और गहरा गई है।
हैंडपंप और कुओं के सहारे गुजर रहा जीवन
सोनडीह, सुल्ताना कला और रमवापुर के ग्रामीण आज भी हैंडपंप व कुएं जैसे पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं। कई हैंडपंपों से दूषित पानी निकलने और कुछ के सूख जाने से महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीण जगदंबा प्रसाद ने कहा कि जब टंकी बनकर तैयार हो चुकी है तो पाइपलाइन बिछाने में इतनी देरी क्यों की जा रही। राधेश्याम ने बताया कि गर्मी शुरू होते ही पानी की समस्या विकराल हो जाती है। अगर समय रहते पाइपलाइन बिछाकर नल कनेक्शन दे दिए जाते तो गांव को बड़ी राहत मिल सकती थी। नाथूराम व सत्य प्रकाश पांडेय ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तभी सार्थक होगा, जब हर घर तक पानी पहुंचे।
जल्द पूरा कराया जाएगा कार्य
सिकंदरबोझी ग्राम पंचायत में हर घर नल से जल योजना का कार्य अंतिम चरण में है। कुछ तकनीकी एवं स्थानीय कारणों से सोनडीह, सुल्ताना कला और रमवापुर में पाइपलाइन बिछाने में देरी हुई है, लेकिन संबंधित कार्यदायी संस्था को शीघ्र कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
-संदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण