बलरामपुर। छोटी-छोटी बातों से टूटने वाले रिश्तों को परिवार परामर्श केंद्र जोड़ रहा है। महिला थाना में रविवार को पारिवारिक विवादों की सुनवाई कर परामर्शदाताओं ने सुलह-समझौता कराया। 20 में आठ मामलों के दोनों पक्ष सुनवाई में उपस्थित हुए, जिसमें पांच मामलों का निस्तारण कराया गया।
परिवार परामर्श केंद्र में आई शिकायतों के आधार पर दोनों पक्षों को बुलाया गया था। सुनवाई में गैड़ास बुजुर्ग थाना के एक मामले में अधिक मोबाइल चलाना पत्नी को महंगा पड़ा। विवाद के बाद पति-पत्नी ने एक दूसरे का साथ छोड़ दिया। रविवार को परिवार परामर्श केंद्र पर परामर्शदाताओं के समझाने-बुझाने के बाद दोनों एक साथ रहने के लिए राजी हो गए और पत्नी पति के साथ ससुराल चली गई।
सुनवाई में तुलसीपुर थाना का एक मामला पति के बाहर रहने से जुड़ा हुआ आया। पत्नी ससुरालीजनों के साथ रहने को नहीं राजी थी, जिससे दोनों अलग हो गए। परामर्श केंद्र की सलाह मानकर बिखरा परिवार एक साथ रहने के लिए राजी हो गया। थाना गैड़ास बुजुर्ग में एक मामला ऐसा आया जिसमें बेटी का इलाज न कराने से नाराज पत्नी अपने पति से अलग हो गई। परामर्श केंद्र की सलाह मानकर दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए। ललिया थाना के एक मामले में अवैध संबंध की शक से अलग हुआ परिवार समझाने के बाद फिर से एक साथ रहने को राजी हो गया। बिना बताए अक्सर मायके चली जाने पर पति-पत्नी अलग हो गए जो परामर्श केंद्र की सलाह मानकर फिर से एक साथ रहने के लिए राजी हुए।
परामर्शदाता अरुण कुमार यादव, वंदना मिश्रा, देवतादीन दुबे, महिला थाना प्रभारी विनीता चतुर्वेदी एवं महिला कांस्टेबिल ज्योति व मनीषा ने सुनवाई के दौरान आपस में मिलजुल कर रहने के तरीके बताए। समझाया कि पति-पत्नी को एक साथ रहने से जीवन बेहतर होता है, और परिवार खुशहाल रहता है।
अगली सुनवाई में फिर बुलाए जाएंगे 15 मामलों के दोनों पक्ष
एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिन 15 मामलों में समझौता नहीं हाे सका, उन्हें आगे सुना जाएगा। कुछ मामलों में दूसरे पक्ष से जुड़े अन्य लोग नहीं आ सके थे, उन्हें भी बुलाने के लिए संबंधित थानों को सूचना दी गई है। आठ मामलों में दोनों पक्ष आए जिसमें पांच मामलों में समझौता हुआ है, दोनों पक्ष की लिखापढ़ी करा ली गई है। प्रत्येक 15 दिनों में परिवार की खैरियत भी महिला थाने से जानी जाएगी, ताकि फिर किसी तरह का विवाद न होने पाए।