महराजगंज तराई (बलरामपुर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कौव्वापुर में बिजली गुल हो जाने पर मोबाइल टाॅर्च की रोशनी में प्रसव कराए जाने का मामला सामने आया है। तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. सुमंत सिंह चौहान ने बुधवार की रात नौ बजे पीएचसी के निरीक्षण में यह गड़बड़ी पकड़ी। निरीक्षण के दौरान डाक्टर व फार्मासिस्ट भी पीएचसी से गैरहाजिर मिले।
बुधवार शाम से गुल हुई पीएचसी की बत्ती के कारण निरीक्षण पर पहुंचे अधीक्षक को भी टाॅर्च की रोशनी में ही जांच पड़ताल करना पड़ी। इस दौरान मोबाइल टाॅर्च की रोशनी में कराए जा रहे प्रसव पर उन्होंने कड़ी नाराजगी भी जताई। निरीक्षण के समय प्रसव कक्ष में स्टाफ नर्स माया मोबाइल टॉर्च की रोशनी में काम करती मिली। मौके पर ड्यूटी पर तैनात डॉ. जय सिंह गौतम व फार्मासिस्ट राम तीरथ दोनों ही नदारत मिले। मौजूद स्टॉफ ने बताया कि फॉल्ट के कारण बुधवार शाम से पीएचसी की बिजली गुल हो गई थी। इसी कारण मजबूरी में मोबाइल टार्च की रोशनी में जरूरी कार्य करना पड़ा।
पीएचसी से मौजूद नेवाजपुर निवासी मंसा देवी ने बताया कि आशा को कई बार फोन करके बुलाया गया, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद पीएचसी महाराजगंज तराई का निरीक्षण करने पहुंचे अधीक्षक को अस्पताल बंद मिला। यहां मौजूद दो कर्मचारी अपने-अपने कमरे में सोते मिले। महाराजगंज में कम प्रसव होने पर अधीक्षक ने नाराजगी जताई। मौजूद स्टॉफ ने बताया कि एंबुलेंस न होने के कारण मरीजों को लाने में काफी परेशानी उठाना पड़ती है। अधीक्षक डॉ. सुमंत सिंह ने बताया की इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।