बलरामपुर। देश के तमाम राज्यों में ब्लैक फंगस का संक्रमण देखा जा रहा है। जिले में ब्लैक फंगस के संक्रमण का अभी तक कोई केस सामने नहीं आया है। ब्लैक फंगस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज व दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है।
सीएमओ डा. विजय बहादुर सिंह ने बताया कि ऐसे कोरोना मरीज जिन्होंने स्वस्थ होने के लिए स्टेरॉयड दवा का प्रयोग अधिक मात्रा में किया है उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और शुगर लेबल तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे मरीजों में ब्लैक फंगस का संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है।
ब्लैक फंगस इंफेक्शन शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। इसका संक्रमण नाक, आंख, दिमाग, फेफड़े एवं त्वचा पर हो सकता है। इसके संक्रमण से आंखों की रोशन भी जा सकती है। नाक में दर्द होने या खून आने, आंखों के सामने धुंधलापन आने, आंखे लाल हो जाने, सीने में दर्द होने, सिर दर्द होने, खून की उल्टियां होने तथा शरीर में चकत्ते होने जैसे लक्षणों को कतई नजरअंदाज न किया जाए।
कोई भी लक्षण दिखने पर तत्काल डाक्टर से संपर्क करें। डायबिटीज के मरीज शुगर लेबल नियंत्रित रखें। सीएमओ ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ब्लैक फंगस को लेकर पर्याप्त तैयारियां की गई हैं। अस्पतालों में जांच व इलाज की सुविधा के साथ-साथ पर्याप्त दवाएं भी उपलब्ध हैं।
ब्लैक फंगस पर नियंत्रण के लिए एंफोटेरेसिन-बी इंजेक्शन की डिमांड शासन स्तर पर भेजी गई है। जिले में ब्लैक फंगस की रोकथाम के लिए शुगर नियंत्रण वाली दवा मिट फारमीन, डायोनिल व इंसुलिन तथा इम्युनिटी बूस्टर के रूप में विटामिन सी, बी कॉम्पलेक्स, फोलिड एसिड, विटामिन डी व विटामिन ई जैसी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।