बलरामपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के शिवानगर चयपुरवा गांव के पास नेशनल हाईवे पर हुई भीषण मार्ग दुर्घटना क्यों हुई इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बारिश के बीच तेज रफ्तार के कारण ही कार अनियंत्रित होकर किनारे नाले में गिर गई। यदि रफ्तार नियंत्रण में होती तो कार को भी नियंत्रित किया जा सकता है।
शुक्रवार सुबह गोंडा के थाना तरबगंज के ग्राम पूरे मनियाए मन्हना निवासी कृष्ण कुमार सिंह का परिवार बेटे उत्कर्ष के जन्मदिन के अवसर पर देवीपाटन शक्तिपीठ तुलसीपुर दर्शन करने जा रहा था।
शिवानगर चयपुरवा गांव के पास नेशनल हाईवे पर कार सामने से आ रहे बाइक चालक ग्राम शंकरपुर थाना महराजगंज तराई निवासी मुर्शरफ उर्फ लाले (21) से टकरा गई। टक्कर सड़क के दाहिने तरफ हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर के बाद कार उछल कर सड़क के किनारे पानी भरे नाले के गड्ढे में गिर गई और डूब गई। घटना में कार सवार कृष्ण कुमार(39), पत्नी स्नेहलता(35), बेटी मनु (14), बेटा उत्कर्ष(12), बेटी की सहेली सौम्या उर्फ तनु(15) तथा चालक शत्रुघन सिंह(52) गाड़ी के अंदर फंस गए।
आस पास के लोगों ने जब तक गाड़ी का दरवाजा तोड़कर लोगों को बाहर निकाला तब तक लोग डूबने की वजह से बेहोश हो गए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
अस्पताल में परीक्षण के बाद डाक्टरों ने सभी लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल बाइक चालक लाले को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शी घटना के कारणों की मुख्य वजह तेज रफ्तार बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि कार तथा बाइक चालक दोनों की गति सामान्य से अधिक थी।
वाहनों की गति यदि नियंत्रित होती तो कार नाले में नहीं गिरती। बारिश के बीच हुई दुर्घटना के बाद तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई और नाले में गिर गई। कुछ लोग इस घटना को महज संयोग भी बता रहे हैं। इन लोगों का कहना था कि परिवार के साथ अनहोनी होनी थी सो हो गई।