बलरामपुर। तेंदुए को पकड़ने में जुटी विशेषज्ञों की टीमें बीते डेढ़ माह से सिर्फ निगरानी तक ही सीमित बनी हैं। थर्मल ड्रोन से निगरानी के बाद भी तेंदुआ उन्हें चकमा देने में सफल बना है। बृहस्पतिवार को जालीदार ट्रैक्टर में मौजूद निगरानी टीम के सदस्य तेंदुए को देखते रहे जबकि वह उनके सामने से ही छलांग लगाकर निकल भागा। इसके साथ ही बीते 24 घंटे में बेलवा गांव में फिर से दिखी तेंदुए की चहलकदमी से लोगों में भय व्याप्त है।
थर्मन ड्रोन कैमरे से मिल रही लोकेशन के आधार पर उसे पकड़ने के लिए पिंजड़े व कैमरे भी लगाए गए हैं। डीएफओ डा. एम सेम्मारन ने बताया कि अलग अलग जगहों पर 15 पिंजरे व 25 कैमरे तेंदुए को पकड़ने के लिए लगे हैं। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, वाइल्उ लाइफ विशेषज्ञ डा. आरके सिंह, धीरेन्द्र, वन्यजीव रक्षक श्यामेश व ड्रोन एक्पर्ट सोहम दत्ता की टीम भी निगरानी में जुटी है।
बृहस्पतिवार की सुबह डा. आरके सिंह की टीम को तेंदुए की लोकेशन झाड़ियों में मिली। टीम के सदस्य जालीदार ट्रैक्टर पर बैठ कर जब तक उसे पकड़ने की रणनीति बनाते इस बीच मौका देखकर तेंदुआ झाड़ियों से निकल कर जंगल में गुम हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि बेलवा गांव के आस पास तेंदुए की लोकेशन लगातार मिल रही है।