बलरामपुर। पिछले तीन वित्तीय वर्ष में 15वें वित्त आयोग से विकास कार्यों पर खर्च हुई धनराशि की जांच होगी। इसमें गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पंचायती राज विभाग की तरफ से जिले की 793 ग्राम पंचायतों में 15 वें वित्त आयोग से तमाम विकास कार्य कराए जाते हैं।
पिछले तीन वित्तीय वर्ष में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से 15 वें व राज्य वित्त से खर्च हुई धनराशि की जांच-पड़ताल शुरू हुई है। हाल ही में निदेशालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक ग्राम पंचायतों में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से 15वें व राज्य वित्त से खर्च की गई धनराशि समीक्षा की गई, इसमें तमाम तरह की गड़बड़िया मिली है। समीक्षा में पाया गया है कि एक ही बैंक खाते को कई एजेंसी व वेंडर के नाम भुगतान किया गया है तथा बिल बाउचर पर जीएसटी नंबर भी अंकित नहीं है। एक ही एजेंसी को अलग-अलग विकासखंडों की अधिकतर ग्राम पंचायतों द्वारा भुगतान कर दिया गया। इसी तरह मजदूरी का भुगतान भी कई ग्राम प्रधान के खाते में किया गया है। निदेशक पंचायती राज राजकुमार ने इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया है।