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Balrampur News: संजय सेतु बंदी से बिगाड़ी व्यवस्था, ईंधन पहुंचना हुआ मुश्किल

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बलरामपुर के वीर विनय चौराहे पर ​स्थित पेट्रोल पंप पर जुटी उपभोक्ताओं की भीड़ ।-संवाद
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बलरामपुर। संजय सेतु बंद होने से जिले में व्यवस्था बिगड़ गई है। पुल बंद होने से जिले में आने और जाने वाले वाहनों की दूरी बढ़ गई है। ऐसे में किराया व माला भाड़ा दोनों बढ़ गया है, इसका सीधा असर लोगों की आमदनी पर पड़ रहा है। दूरी बढ़ने के कारण जिले में समय से पेट्रोल-डीजल के वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे पंप की टंकियां खाली हो गई हैं। ट्रकों का माल भाड़ा बढ़ने से वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए हैं।
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पूर्ति विभाग के अनुसार घाघराघाट से भारी वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित किए जाने के कारण तेल टैंकर अयोध्या व सीतापुर होते हुए बलरामपुर में पहुंच रहे हैं। ऐसे में टैंकरों को पहुंचने में समय लग रहा है। इस कारण 17 अप्रैल की शाम तक जिले के 88 पंपों में से 46 पंपों पर पेट्रोल और 33 पंपों पर डीजल का स्टॉक खत्म हो गया। इन पंपों पर आने वाले लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है। जिला प्रशासन की तरफ से पचपेड़वा व गैसड़ी क्षेत्र में स्थित पंपों को देवरिया जिले के बैतालपुर डिपो से पेट्रोल-डीजल की अब आपूर्ति शुरू कराई जा रही है।
जिला मुख्यालय स्थित कई पंपों पर शनिवार को भी ईंधन नहीं रहा। तेल भराने पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा। नगर के गोंडा मार्ग स्थित पंप पर भी न पेट्रोल था और ही डीजल। किसान गैलन-डिब्बा लेकर बैठे नजर आए। रघवापुर के किसान मालिक राम व सोमई ने बताया कि सुबह नौ बजे डीजल लेने आए थे, पंप कर्मियों ने बताया है कि कुछ देर में टैंकर आएगा। टैंकर के इंतजार में बैठे हुए हैं। उतरौला व बहराइच मार्ग स्थित पंप पर भी ईंधन समाप्त था। हरैया सतघरवा क्षेत्र के मणिपुर, बरदौलिया बाजार, बेलभरिया, हरैया, महमूदनगर व शिवपुरा बाजार स्थित पंप पर ईंधन नहीं मिला।क्षेत्रवासी ओंकार नाथ, रंजीत कुमार, मनमोहन, मनीराम व राधिका प्रसाद ने बताया कि सुबह से शाम तक एक पंप से दूसरे पंप का चक्कर काटना पड़ता है, लेकिन फिर भी ईंधन नहीं मिल पाता है।
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राजधानी पहुंचना हुआ मुश्किल
जिले से लखनऊ-कानपुर जाने वाले यात्रियों की भी मुश्किले बढ़ गई हैं। यात्रियों को राजधानी जाने के लिए बेवजह 60-70 किलोमीटर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बदले 120 रुपये किराया भी ज्यादा देना पड़ता है। पहले बलरामपुर से लखनऊ जाने वाली बसें गोंडा वाया बाराबंकी होते हुए जाती हैं। तब ये बसें 167 किलोमीटर लंबी दूरी तय करती थीं और 231 रुपये किराया लगता है। वहीं अब ये बसें गोंडा से अयोध्या होते हुए लखनऊ पहुंचती हैं, ऐसे में 244 किलोमीटर का सफर तय करने के साथ 370 रुपये किराया अदा करना पड़ता है। यात्री रोहित व राम प्रसाद ने बताया कि 20 अप्रैल को सुबह 10 बजे लखनऊ पहुंचना है, अयोध्या होते हुए बस जाएगी तो 12 बज जाएगा। इसलिए एक दिन पहले जाना पड़ेगा।
60 रुपये किलो टमाटर व 100 में पहुंचा बैगन
माल वाहनों की दूरी बढ़ने से भाड़ा भी बढ़ गया है। इसका असर सब्जियों के दाम पर सीधा पड़ा है। आलम यह है 15 रुपये किलोग्राम में बिकने वाला टमाटर एकाएक 60 रुपये में पहुंच गया है। वहीं बैगन 100-110 रुपये किलो में बिकने लगा है। व्यापारी मंडी से दाम बढ़ने की बात कह रहे हैं। प्याज 15 रुपये किलो से बढ़कर 35 रुपये किलोग्राम तक पहुंच गया है। गृहणी शालिनी व पूजा ने बताया कि टमाटर का दाम बढ़ने से किचेन का स्वाद बिगड़ गया है। स्वाद बढ़ाने के लिए दाल फ्राई व सब्जियों में टमाटर डालने पर सोचना पड़ता है। सब्जी विक्रेता रफीक व सलमान ने बताया कि टमाटर व प्याज का दाम एकाएक बढ़ गया है। बाहर से ट्रकें आने के कारण आढ़ती महंगा माल दे रहे हैं।
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