बलरामपुर। महिला बंदी अगरबत्ती व मोमबत्ती बनाना सीखकर आत्मनिर्भर बनेंगी। जिलाधिकारी अरविंद सिंह की पत्नी निमिषा सिंह की पहल पर जिला कारागार में रविवार से प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इससे महिला बंदियों के हौसलों को उड़ान मिलेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 दिनों तक चलेगा। जिला कारागार में निरुद्ध 12 महिला बंदियों को प्रशिक्षक सीता व राजमति अगरबत्ती और मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं। जेल से रिहा होने के बाद प्रशिक्षित सभी महिला बंदी स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी।
डीएम की पत्नी निमिषा सिंह ने कहा कि अगरबत्ती की सुगंध सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है। इससे महिला बंदियों को जीवन में प्रसन्न रहने का मौका मिलेगा। मोमबत्ती जलाने पर अंधेरा दूर होता है। मोमबत्ती की रोशनी जीवन की सफलता का प्रतीक है। भविष्य में अन्य महिला बंदियों को सिलाई-कढ़ाई का भी प्रशिक्षण दिलाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक आरके सिंह, जेलर शैलेष कुमार सोनकर, डिप्टी जेलर संयोगिता यादव व शारदा देवी सहित अन्य मौजूद रहे।