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Balrampur News: खाद के इंतजार में बेचैन हो रही खेतों की मिट्टी

Fri, 03 Jul 2026 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-31- गौरा चौराहा ​स्थित समिति पर खाद के लिए ओटीपी का इंतजार करते किसान। संवाद - फोटो : निरीक्षण करते हुए बीएसए अनिल कुमार। स्रोत: विभाग
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गौरा चौराहा। क्षेत्र में अच्छी बारिश के बाद किसान गन्ना और धान की फसल में समय पर यूरिया डालने की तैयारी में हैं, लेकिन सहकारी समितियों से खाद वितरण का मैसेज न मिलने से उनकी चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर खाद नहीं मिली तो फसल की बढ़वार प्रभावित होगी और उत्पादन घट सकता है।
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किसानों ने बताया कि उन्होंने उर्वरक प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर खतौनी समेत सभी आवश्यक दस्तावेज सहकारी समितियों में जमा कर दिए हैं। इसके बावजूद अब तक उनके मोबाइल पर यूरिया उठान का संदेश नहीं आया है।

किसान अख्तर कादरी, घनश्याम जायसवाल, सकटपाल, बाबादीन, विमला देवी, सीमा पांडे और वीरेंद्र सिंह ने बताया कि गन्ने की फसल में जलभराव से पहले टॉप ड्रेसिंग के रूप में यूरिया डालना बेहद जरूरी है। इसी तरह धान की नर्सरी को भी इस समय उर्वरक की सख्त आवश्यकता है। यदि समय पर यूरिया नहीं मिला तो फसल पीली पड़ने का खतरा है, जिससे उत्पादन घट सकता है और लागत भी बढ़ जाएगी।
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किसानों ने प्रशासन और सहकारी विभाग से जल्द मैसेज जारी कर समितियों से यूरिया वितरण शुरू कराने की मांग की है।
यूरिया के लिए परेशान गन्ना किसान, ओटीपी व्यवस्था पर सवाल
रेहराबाजार। क्षेत्र में बारिश शुरू होते ही किसानों ने धान की रोपाई तेज कर दी है। वहीं गन्ने की फसल को इस समय यूरिया की सबसे अधिक आवश्यकता है, लेकिन ओटीपी आधारित वितरण व्यवस्था के कारण किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है।
किसानों शब्बीर, रामसूरत, बनारसी, शेषराम और रामराज ने बताया कि सहकारी समितियों पर यूरिया उपलब्ध है, लेकिन ओटीपी प्रणाली के तहत एक बार में केवल एक या दो बोरी ही मिल पा रही है। इससे किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
किसानों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि गन्ना किसानों की जरूरत को देखते हुए ओटीपी व्यवस्था में व्यावहारिक सुधार किया जाए और फसल के अनुसार पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया जाए, ताकि खेती प्रभावित न हो। संवाद
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