बलरामपुर। सच्चे मन और दिल लगाकर कोई भी काम किया जाए तो सफलता कदम चूमती है। इस मिसाल को बलरामपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत खैराही की प्रधान सविता सिंह ने सही साबित किया है। ग्राम पंचायत की कमान आधी आबादी के हाथ में आते ही गांव की तस्वीर बदलने लगी है। महिला प्रधान की मेहनत ने आज गांव में न सिर्फ सड़कों की जाल बिछ गई है, बल्कि ग्रामीणों को पात्रता के आधार पर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। ग्राम पंचायत खैराही में करीब दो हजार की आबादी निवास करती है।
वर्ष 2021 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बलरामपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत खैराही से सविता सिंह ग्राम प्रधान चुनी गई। सविता सिंह ने स्नातक की पढ़ाई की है। उनके पति बिजली विभाग में कार्यरत हैं। गांव में सरकार चलाने की जिम्मेदारी मिलते ही सविता सिंह सक्रिय जनप्रतिनिधि की भूमिका निभा रही हैं। प्रतिनिधि के बजाय खुद सभी कार्यों को संभालती हैं। ग्राम प्रधान बने भी करीब ढाई साल ही हुए हैं, लेकिन उनके मेहनत का असर दिखने लगा है। उनके प्रधान बनते ही गांव में खड़ंजा व आरसीसी सड़कों का निर्माण हुआ। साथ ही ग्रामीणों को पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।
पहले गांव में केवल सात बुजुर्गों को ही पेंशन मिलता था, अब 30 से अधिक पात्र व्यक्तियों को वृद्धा पेंशन का लाभ मिलने लगा है। इनके प्रयास से 15 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास तथा तीन दिव्यांगजनों को आवास योजना का लाभ दिलाया गया है। गांव को महिलाओं को जागरूक बनाने के लिए गांव में महिला सभा का आयोजन कर उन्हें उनके अधिकारों के बारे में बताया जाता है। ग्राम प्रधान सविता सिंह का कहना है कि मुखिया बनते ही मैंनें गांव में विद्यालय निर्माण के लिए अधिकारियों को पत्र लिखना शुरू किया। ताकि गांव का हर एक बच्चा शिक्षित बन सके।