बलरामपुर। नगर निकाय का चुनाव इस बार बहुत ही दिलचस्प है। हर दल के सामने चुनौती है। केंद्र व प्रदेश में सत्ता पर आसीन भाजपा के सामने निकायों में खाता खोलने की चुनौती है तो सपा व बसपा को अपनी सीटों को बचाने के साथ ही उसे बढ़ाने का दबाव है। ताज्जुब की बात तो यह है कि निर्दलीय व छोटे दल भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। इससे चुनाव रोमांचक होता जा रहा है।
नगर निकाय चुनाव 2017 में जिले में चार निकायों में दो पर निर्दलीय व एक-एक पर सपा व बसपा के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। बलरामपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद पर बसपा की किताबुन्निशा, उतरौला नगर पालिका अध्यक्ष पद पर सपा के मोहम्मद इदरीस खां ने जीत दर्ज की थी। इसी तरह नगर पंचायत तुलसीपुर में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार कहकशा फिरोज व नगर पंचायत पचपेड़वा में भी चेयरमैन की कुर्सी पर निर्दलीय उम्मीदवार समन मलिक काबिज हुई थीं।
वर्ष 2017 के निकाय चुनाव में जीत हासिल करने वाली बसपा ने बलरामपुर नगर पालिका परिषद की सीट को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। वहीं, भाजपा ने इस सीट को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। दिग्गज भाजपाई गलियों की खाक छान रहे हैं। सपा भी मजबूती के साथ चुनाव लड़ने का दावा कर रही है। आम आदमी पार्टी व कांग्रेस भी चुनावी फिजा बदलने में लगी हुई है।
उतरौला में रोचक मुकाबला है। यहां पर घोषित प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी को सपा ने समर्थन दिया है। हालांकि वर्ष 2012 में यहां से भाजपा जीती थी, 17 में सपा ने इस सीट पर कब्जा जमाया था। एक बार फिर भाजपा वापसी के लिए रात-दिन एक कर रही है, वहीं सपा भी पूरी ताकत के साथ लगी हुई है। बसपा व कांग्रेस भी सीट पर दावेदारी को लेकर गंभीर नजर आ रही है। यही हाल, नगर पंचायतों में भी है। कई सीटों पर बागी भी मुश्किल पैदा कर रहे हैं।