बलरामपुर। साइबर फ्रॉड से टेरर फंडिंग करने वाले गिरोह के सरगना से पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों के हाथ अहम सुराग लगे हैं। पूरे गिरोह से 200 से अधिक लोग जुड़े हैं। सरगना पूरे कार्य को फेसलेस संचालित कर रहा था। यह भी पता चला है कि यह गिरोह रुपये को बदलकर डिजिटल माध्यम से पाकिस्तान तक पहुंचाने के लिए दो देशों की तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था।
दिल्ली में बैठे गिरोह के सरगना सस्पियर के पास मिले दो मोबाइल फोन से बड़े राज खुले हैं, जिनमें पाकिस्तानी मोबाइल नंबर तो मिले ही हैं, उनसे की गई चैट से भी काफी जानकारी मिली है। जांच में सामने आया है कि गिरोह सिंगापुर की फिनटेक कंपनी के एप का इस्तेमाल रुपये को बदलने और अलग-अलग डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर करने के लिए करता था। अब इस एप के लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड खंगालने का काम शुरू हो गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस एप की परतें खुलते ही गिरोह की गतिविधियों और उससे जुड़े नेटवर्क के कई अहम राज खुलने की संभावना है। जिले में भी पुलिस जांच कर रही है कि और कौन लोग हैं जो गिरोह के संपर्क में हैं। अभी तक गिरोह से जुड़े जिले के तीन लोग ही गिरफ्तार किए जा सके हैं।