बलरामपुर। सर्द हवाओं के साथ हुई बारिश ने मौसम का मिजाज अचानक बदल दिया। दिन भर हुई रिमझिम बारिश से लोगों को ठंड लौटने का एहसास सताने लगा। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी तेज सहालग के कारण आयोजित विवाह समारोह में हुई। बारिश व तेज हवाओं के कारण सजे टेंट व पंडाल गिरने के साथ ही खान-पान के इंतजाम बिगड़ जाने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शनिवार को सुबह से ही छाए बादलों के कारण सूरज की लुकाछिपी का खेल दिन भर चलता रहा। दोपहर बाद सर्द हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने सभी की परेशानी पढ़ा दी। श्रीदत्तगंज, जरवा, गौरा चौराहा, हरैया बाजार व पचपेड़वा सहित जिला मुख्यालय पर देर शाम तक बारिश होती रही। तेज हवा के साथ बारिश होने के कारण गौरा चौराहा व हरैया बाजार में शादी के लिए सजाया गया पंडाल गिर गया। इसे घंटों की मशक्कत के बाद पुन: पंडाल लगाया जा सका।
बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के साथ ही काटकर रखी गई सरसों की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। प्रगतिशील किसान करन सिह, मारूफ व राजेश आदि ने बताया कि अधिकांश लोगों ने सरसों की फसल को काटकर खेत में ही छोड़ दिया है। बारिश होने से फसल में सड़न शुरू हो जाएगी। इससे काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
क्षेत्रीय सहकारी समिति कौवापुर में हुई खरीद के बाद धान की बोरियां खुले में ही रखी हुई हैं। तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण तिरपाल हट जाने से कई धान की बोरियां भीग गई। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही बोरियों से पलटकर धान को नहीं सुखाया गया तो यह खराब हो जाएगा।