बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में इलाज करते डॉक्टर ऋषि श्रीवास्तव। संवाद
बलरामपुर। मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों सिर दर्द व पेट दर्द के मरीजों में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल की ओपीडी औसतन प्रतिदिन 400 के पार पहुंच रही है। इसमें करीब 150 मरीज सिर दर्द, माइग्रेन और नींद नहीं आने की समस्या वाले पहुंच रहे हैं। चिकित्सक परामर्श व दवा देकर धूप व गर्म हवा से बचाव का सुझाव दे रहे हैं। हालांकि न्यूरो विशेषज्ञ के न होने से मरीजों को परेशानी हो रही है।
जिला मेमोरियल अस्पताल के कमरा नंबर दो गैर संचारी रोग चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव के कक्ष में मंगलवार को मरीजों की भीड़ जुटी रही। ओपीडी में दिखाने के लिए मरीज परेशान दिखे। खलवा की साजिया ने बताया कि उन्हें दो दिन से सिर दर्द की समस्या है। चिकित्सक ने दवा लिखा है। नईबस्ती के राजेश व अशोक पेट दर्द की दवा लेने आए थे। इसी तरह रोहित, राधिका, रोशनी व सुलेमान भी दवा लेने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। दो बजे तक चिकित्साधिकारी 85 मरीजों का उपचार किया। इसमें अधिकांश सिर दर्द व पेट दर्द से प्रभावित दिखे। चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि सिरदर्द, माइग्रेन और अनिद्रा आधुनिक जीवनशैली की गंभीर समस्याएं बन चुकी हैं, इससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं। ओपीडी में आने वाले 60 फीसदी मरीज माइग्रेन से परेशान दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुबह जागने पर सिरदर्द की शिकायत होती है, जो तनाव, अनियमित दिनचर्या और हार्मोनल बदलाव के कारण हो सकता है।
इस तरह करें बचाव
एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सिरदर्द व माइग्रेन से बचने के लिए एक अनुशासित जीवनशैली अपनाना सबसे प्रभावी तरीका है। रोज समय पर 7-8 घंटे की गहरी नींद लेना, प्रतिदिन कम से कम दो लीटर पानी पीना, तनाव कम करने के लिए योग व ध्यान करना और नियमित संतुलित आहार लेना शामिल है।