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पहाड़ी नाले की कटान से मिट रहा सहतीपुरवा गांव का अस्तित्व

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बलरामपुर गोह़टूटवा व सहतीपुरवा में हो रही कटान के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण। - फोटो : BALRAMPUR
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हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। पहाड़ी नाला धोबैनिया की कटान के चलते स्थानीय विकास खंड के सहतीपुरवा व गोड़टूटवा गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। इन गांव की सैकड़ों बीघा कृषि योग्य भूमि धोबैनिया पहाड़ी नाले में समाहित हो चुकी है। विभाग द्वारा कटान रोकने के लिए कोई ठोस उपाय न किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर कटान रोकने के लिए शीघ्र कार्रवाई किए जाने की मांग जिलाधिकारी से की है।
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ग्रामवासी राम सुरेश, नानमून, अनिल कुमार मिश्रा, राज बहादुर वर्मा, छांगुर, नेहाल अहमद व मोहम्मद अहमद आदि ने रविवार को प्रदर्शन करते हुए कहा कि सहतीपुरवा व गोड़टूटवा गांव धोबैनिया पहाड़ी नाले के किनारे स्थित है। बारिश के दिनों में धोबैनिया नाले में बाढ़ आने से कटान शुरु हो जाता है। कटान से दोनों गांवों की सैकड़ों बीघे कृषि योग्य भूमि धोबैनिया पहाड़ी नाले में समाहित हो चुकी है। अभी भी कटान तेजी से हो रहा है। कटान तेज होने केे कारण इन गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। इन लोगों का कहना है कि यदि पहाड़ी नाले के कटान को रोकने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई न की गई तो जल्द ही इन गांवों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। यह भी बताया कि कटान रोकने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र भी लिखा गया लेकिन अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे है। ग्रामीणों ने डीएम से धोबैनिया पहाड़ी नाले की कटान को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस संबंध में ठोस कार्रवाई न की गई तो हम लोग उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
कटान रोकने के लिए दिए गए है निर्देश
जिले में नदियों व पहाड़ी नालों से होने वाली कटान को रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। सहतीपुरवा व गोड़टूटवा गांव में कटान की सूचना मिली है। जल्द ही कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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-अरुण कुमार शुक्ल, एडीएम / जिला आपदा अधिकारी बलरामपुर
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