बलरामपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन माहौल में संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत परीक्षा केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरे और वायस रिकार्डर की सीधी निगरानी गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालय, यूपी बोर्ड मुख्यालय प्रयागराज और शासन स्तर पर राजधानी लखनऊ में स्थापित निगरानी कक्ष से होगी। इसके लिए जिले के सभी परीक्षा केंद्रों व कंट्रोल रूम को निगरानी कक्ष से जोड़ा जाएगा। इससे परीक्षा के दौरान पल- पल की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा 22 फरवरी से शुरू हो रही है। यह नौ मार्च तक चलेगी। इसके लिए जिले में कुल 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर हाईस्कूल व इंटरमीडियट के 32 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस बार परीक्षा में पहले की अपेक्षा अधिक सख्ती होगी। सभी परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी और वाइस रिकॉर्डर युक्त बनाया गया है। इनके जरिए चार स्थानों से इन परीक्षा केंद्रों की सीधी निगरानी हो सकेगी। बोर्ड व शासन के तीन केंद्रों के साथ ही एनआईसी के कंट्रोल रूम व जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से अधिकारी परीक्षा से जुड़े कार्यों पर नजर रखेंगे। निगरानी की इस हाईटेक व्यवस्था को इस माह के अंत तक पूरा किया जाएगा।
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- नकल विहीन परीक्षा के लिए पहली बार एक हजार कक्ष निरीक्षकों को बोर्ड की तरफ से तैयार क्यूआर कोड और क्रमांक युक्त कंप्यूटराइज्ड परिचय पत्र मिलेगा। ड्यूटी के समय इसे अपने पास रखना अनिवार्य होगा। परिचय पत्र परीक्षा शुरू होने के एक सप्ताह पहले जिला विद्यालय निरीक्षक बोर्ड के पोर्टल से डाउनलोड कर कक्ष निरीक्षकों को देंगे। परिचय पत्र में कक्ष निरीक्षकों का अध्यापन विषय भी लिखा होगा, ताकि परीक्षा में उनकी ड्यूटी उनसे संबंधित विषय के दिन न लगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक गोविंद राम ने बताया कि नकलविहीन बोर्ड परीक्षा कराने के लिए विभाग प्रयास कर रहा है। परीक्षा केंद्रों की कड़ी निगरानी करने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। ताकि परीक्षाओं को पूरी तरह से नकल विहीन माहौल में सकुशल संपन्न कराया जा सके।