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आश्वासन लेकर तहसीलों से लौटे फरियादी

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बेसहारा की मदद को श्रम विभाग नहीं दे रहा ध्यान
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देहात कोतवाली क्षेत्र के बसंतपुर उदईपुर निवासी प्रभूदेई ने मंगलवार को जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम से न्याय की गुहार लगाई। पत्र में पीड़िता ने कहा है कि तीन फरवरी 2018 को उनके बेटे निर्माण कामगार नंद कुमार पुत्र रामशंकर की मुंबई में ट्रक दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद जीवन यापन के लिए मदद का कोई स्रोत नहीं रह गया।
श्रम विभाग से उसे आर्थिक मदद मिलनी थी। इसके लिए सभी दस्तावेज जमा कर दिए पर कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं 19 दिसंबर 2019 व 12 दिसंबर 2020 को मुख्यमंत्री पोर्टल के साथ-साथ जिला स्तरीय अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिया लेकिन आर्थिक सहायता नहीं मिली। इस पर डीएम श्रुति शर्मा ने श्रम विभाग के अधिकारियों को सात दिन के अंदर प्रकरण का निपटारा कराने का निर्देश दिया है।
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सीएम पोर्टल तक लगाई गुहार पर नहीं मिली मदद
देहात कोतवाली क्षेत्र के बरईपुर निवासी विनोद कुमार ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि आर्थिक संकट होने के कारण उसके घर में शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है। सरकारी योजना के लाभ के लिए तीन साल से वह दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। पात्रता सूची में नाम होने के बावजूद उसे अभी तक शौचालय निर्माण का लाभ नहीं दिया गया है।
मामले को लेकर उसने कई बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की है। इस पर डीएम श्रुति शर्मा ने डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह को शीघ्र मामले का निपटारा कराने का निर्देश दिया। देहात कोतवाली के सिरसिया निवासी रामसरन व रंजीतपुर निवासी मूरता देवी ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया कि कई बार खसरा के लिए लेखपाल व जमीन विवाद को लेकर पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो सका। डीएम श्रुति शर्मा ने रामसन के मामले को सदर एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव और मूरता देवी के मामले को निस्तारित कराने के लिए सीओ सिटी वरुण मिश्र को निर्देश दिया है।
बलरामपुर। यह कुछ मामले तो बानगी भर हैं, जिनमें संबंधित विभागीय अफसरों की अनदेखी के चलते फरियादियों को जिले के उच्चाधिकारियों, तहसील दिवस तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पर उन्हें वहां भी कार्रवाई का आश्वासन देकर लौटाया जा रहा है। जिले में मंगलवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के आंकड़े भी कुछ इसी ओर इशारा कर रहे हैं। तीन तहसीलों में पहुंचे 195 फरियादियों ने अफसरों के सामने अपनी फरियाद रखी तो उनमें से मात्र 21 शिकायतों का ही मौके पर निपटारा हो सका। शेष मामलों में फरियादियों को जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
कोविड 19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए डीएम श्रुति शर्मा व एसपी हेमंत कुटियाल ने सदर तहसील सभागार में जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान फरियादियों की शिकायतें सुनी। डीएम ने निर्देश दिया कि 24 घंटे के अंदर लंबित शिकायतों का सभी अधिकारी गुणवत्तापूर्ण ढंग से निपटारा कराएं अन्यथा संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में आए 72 प्रार्थना पत्रों में से छह का ही मौके पर निपटारा कराया गया।
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मौके पर सीएमओ डॉॅ. विजय बहादुर सिंह, उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह, बीएसए डॉ. रामचंद्र, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र, डीआईओएस गोविंद राम, एक्सईएन जल निगम मनोज कुमार सिंह व डीपीओ केएम पांडेय सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। उतरौला तहसील सभागार में एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल व एएसपी अरविंद कुमार मिश्र ने फरियादियों की शिकायतें सुनी। इस दौरान 80 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें नौ का मौके पर निपटारा कराया गया। इस अवसर पर एसडीएम अरुण कुमार गौड़ व सीओ आरआर सिंह आदि मौजूद रहे। तुलसीपुर तहसील सभागार में एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने फरियादियों की शिकायतें सुनी। 43 समस्याओं में छह का ही मौके पर निपटारा कराया गया। मौके पर सीओ उदयराज व तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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