बलरामपुर के गैसड़ी कोतवाली में पकड़े गए आरोपी के साथ पुलिस टीम।
बलरामपुर। नेपाल सीमा से सटे जनपद में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए जाने को गंभीरता से लेते हुए जिले की पुलिस ने मंगलवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया। दोनों अभियुक्तों को मजिस्ट्रेट ने बुधवार को 14 दिन के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
नेपाल की लंबी सीमा से जुड़े होने के कारण बलरामपुर जिला अतिसंवेदनशील है। सीमा पार से आने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों को फर्जी नागरिकता दिलाने का गोरखधंधा तेजी से फलफूल रहा है। बीते दिनों सूरत में एक बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद रुबैल हुसैन को गुजरात की क्राइम ब्रांच टीम ने गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा किया था कि उसका फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जिले के कोतवाली गैसड़ी क्षेत्र से जारी किया गया था।
इसके लिए मुंबई के बेगमबाड़ी निवासी खलील ने जिले के गैसड़ी निवासी जमशेद आलम व नफीस की मदद ली थी। गैसड़ी कोतवाली की पुलिस ने गुजरात पुलिस के साथ इस फर्जीवाड़े में शामिल जमशेद आलम व नफीस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से स्थानीय पुलिस फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए सक्रिय हो गई थी।
मंगलवार को कोतवाली गैसड़ी के ग्राम परसा पलईडीह निवासी राजेंद्र प्रसाद यादव व ग्राम साथी मोड़ निवासी अफजल को फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों के पास से दो मोबाइल फोन व कई संदिग्ध कागजात बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाना और बनवाना दोनों गंभीर अपराध है। यदि कोई भी इसे बनाने में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बनवाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।