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Balrampur News: फिर आया उफान, 20 गांवों में भरा पानी

Tue, 04 Jul 2023 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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महराजगंज तराई/ पचपेड़वा/हरैया सतघरवा/गौरा चौराहा (बलरामपुर)। पहाड़ी नालों में सोमवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से एक बार फिर उफान आ गया है। बाढ़ आने से 20 से अधिक गांवों में पानी भर गया है। खरझार नाले में आई बाढ़ से करीब 100 मीटर तटबंध कट गया है। तटबंध कटने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं। डिप व सड़कों पर पानी बहने के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है। फसल डूबने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। नन्हुवापुर मजगवां गांव में मुर्गी फार्म पर आकाशीय बिजली गिरने से करीब 250 मुर्गियाें की मौत हो गई है।
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महराजगंज थाना क्षेत्र में स्थित खरझार नाले में मंगलवार की सुबह छह बजकर 30 मिनट पर अचानक बाढ़ आ गई। इससे पहले आई बाढ़ में खरझार नाले के पूर्वी छोर पर बना तटबंध करीब 100 मीटर तक कट गया था। तटबंध कटने के कारण सुबह आई बाढ़ का पानी रामगढ़ मैटहवा, विजयीडीह, जगरामपुरवा, ओरहिया, लहेरी, सुगानगर, लोनियनपुरवा, रूपनगर, लोहेपनिया, बरगदही, साखीेरेत, सुखदेवपुरवा, हिम्मतपुरवा, बनकटवा, नन्हुवापुर व दादव आदि गांवों में घुस गया है।
सुबह ही घरों में पानी भर जाने के कारण जहां ग्रामीणों का सामान भीग गया, वहीं नाश्ता व खाना बनाने में भी समस्या झेलनी पड़ी। ग्रामीण तुलाराम, पवन कुमार, अवधेश कुमार, कुन्ने, सलाम, सूर्यलाल व धनीराम आदि ने खरझार नाले के तटबंध पर हो रही कटान को रोकने के लिए ठोस कार्य कराए जाने की मांग जिलाधिकारी से की है। इसी तरह पहाड़ी नाले में आई बाढ़ के चलते ग्राम पंचायत सेमरी में भारी तबाही हुई है। कादिर का तीन बीघा गन्ने की फसल, डेबा का पांच बीघा सागौन का बाग व हबीब का पांच बीघा खेत कटान की जद में है। ग्रामवासी मकबूल, अहमद अली, शाबान, सकील, हमीद व वहीद आदि ने प्रदर्शन करते हुए बताया कि पहाड़ी नाले में हो रही कटान से हम लोगों का खेत नाले में समाहित हो रहे हैं। नाले में समाहित होने वाली जमीन का मुआवजा भी नहीं मिलता है, जिसके चलते काफी नुकसान झेलना पड़ता है। इन लोगों ने नाले की कटान को रोकने के लिए कटान रोधक कार्य कराए जाने की मांग विभागीय अधिकारियों से की है। बाढ़ व बारिश के चलते दांदव गांव के पास नहर कट गई है। नहर कटने से गांव पूरी तरह जलमग्न हो गया है। वहीं दूसरी तरफ जरवा-बघेलखंड क्षेत्र के पेरा पहाड़ी नाले में आए उफान से रनियापुर, महदेइया, बनगाई, रमनगरा व लल्लनपुरवा आदि गांवों में पानी भर गया है।
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सड़कों पर बह रहा पानी, आवागमन ठप
पहाड़ी नालों में आई बाढ़ के चलते कई सड़क व डिप पर पानी बह रहा है। खरझार नाले में आई बाढ़ से साहेबनगर डिप पर पानी बह रहा है। इससे महराजगंज तराई-ललिया मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। इसके चलते कई गांवों का संपर्क एक-दूसरे से कट गया है। ककरहवा नाले में आई बाढ़ के चलते परसिया गांव के पास सड़क पर पानी बह रहा है। इससे दर्जनों गावों के लोगों का आवागमन ठप है। बाढ़ के चलते करीब 20 दिन पहले बनी जगरामपुरवा जाने वाली सड़क दो स्थानों पर कट गई है। जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरा चौराहा थाना क्षेत्र में गैसड़ी से जैतापुर जाने वाले मार्ग पर बखरकोटवा गांव के पास बने डिप पर बाढ़ का पानी बह रहा है। इसकारण गैसड़ी-जैतापुर मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप है। क्षेत्रवासियों को ब्लॉक मुख्यालय गैसड़ी पहुंचने के लिए पचपेड़वा अथवा तुलसीपुर से घूमकर आना पड़ रहा है। ऐसे में 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। क्षेत्रवासी सद्दाम हुसैन, इम्तियाज खां, डीपी भारती, विकास सिंह व सूर्य प्रकाश आदि ने डिप पर पुल बनवाए जाने की मांग जिलाधिकारी से की है। जरवा क्षेत्र के पहाड़ी नाले में आई बाढ़ से सेमरी व सिसई गांव के बीच संपर्क मार्ग कट गया है। इससे सेमरी, सिसई, कुढोहा, चैनपुर व मचड़ी गांव का संपर्क आपस में कट गया है। ग्राम प्रधान शमशेर ने नाले के ऊपर पुल बनाए जाने की मांग की है।


आकाशीय बिजली गिरने से 250 मुर्गियों की मौत
महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के नन्हुवापुर मजगवां गांव में मंगलवार की भोर बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से जहीर के मुर्गी फार्म का सीमेंटे का शेड गिर गया। शेड के नीचे दबकर करीब 250 मुर्गियों की मौत हो गई। जहीर ने बताया कि सीमेंट शेड टूटने व मुर्गियों की मौत होने से काफी नुकसान हुआ है।
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