बलरामपुर। अमृत भारत योजना से बलरामपुर रेलवे स्टेशन की सूरत पूरी तरह से बदल रही है। साढ़े दस करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन पर एक नए प्लेटफार्म के साथ नए सरकुलेटिंग एरिया व यात्रियों से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाओं को विकसित करने का कार्य तेजी से पूरा हो रहा है। रेलवे प्रशासन का दावा है कि जल्द ही यह अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस हो कर पूरे देवीपाटन मंडल का मॉडल स्टेशन बनेगा।
योजना के तहत गोंडा-गोरखपुर लूप लाइन पर स्थित बलरामपुर स्टेशन को पूरी तरह अपग्रेड किया जा रहा है। बलरामपुर स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के निर्माण की तैयारी पूरी हो गई है। गोंडा मार्ग से स्टेशन तक टू- लेन रोड़ बन चुकी है। साथ ही स्टेशन परिसर के पूरे सरकुलेटिंग एरिया को भी नए सिरे से निर्मित करने का कार्य हो रहा है। इसकेे साथ ही स्टेशन का सौंदर्यीकरण, प्लेटफार्म सरफेस का अपग्रेडेशन, फसाड लाइटिंग लगाने के साथ ही स्टेशन परिसर में कोच गाइडेंस सिस्टम व ट्रेन डिस्पले बोर्ड भी तैयार हो रहा है।
स्टेशन पर जल्द ही डिजिटल घड़ियां, यात्री उद्घोषणा प्रणाली, सोलर प्लांट, वाटर कूलर, एयर कंडीशनर तथा विभिन्न यात्री सुविधाओं से संबंधित ग्लोसाइन बोर्ड (साइनएज) लगने का कार्य भी जल्द ही पूरा हो जाएगा। स्टेशन पर यात्री प्रतीक्षालय व शौचालयों की सुविधा को बेहतर व हाईटेक बनाने के लिए पुराने कार्य को ध्वस्त कर नए सिरे निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
बलरामपुर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक आरके श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे स्टेशन के विकास व सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। कार्य पूरा होता ही यह स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह लैस हो जाएगा।
बलरामपुर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 1900 यात्रियों का आवागमन होता है। स्टेशन पर यात्रियों के आवागमन हेतु 10 जोड़ी मेल व एक्सप्रेस ट्रेन तथा तीन जोड़ी सवारी गाड़ियों की सुविधा प्राप्त है। यह स्टेशन यात्री सुविधा ग्रेड एनएसजी- पांच, ब्रांड गेज लाइन का स्टेशन हैं। यहां से 18 किलोमीटर पश्चिम में सहेठ -महेठ स्थित है। गोंडा, बहराइच जिलो की सीमा पर यह प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थान है। श्रावस्ती जिले में बौद्ध व जैन दोनों संप्रदाय के तीर्थ स्थान है।