बलरामपुर। नेपाल सीमा से सटे अति पिछड़े क्षेत्र के रहने वाले मरीजों को अब इलाज के लिए 13 किलोमीटर दूर स्थित सीएचसी तुलसीपुर नहीं जाना पड़ेगा। थारु बहुल इस क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में डॉक्टर समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती होगी। जो मरीजों का मुफ्त उपचार कर दवाएं देंगे।
भारत-नेपाल सीमा से सटे कई गांव थारु बहुल हैं। इस क्षेत्र में उपचार की कोई सुविधा नहीं है। करीब डेढ़ साल पहले जनकपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो बन गया, मगर डॉक्टर की तैनाती नहीं होने से मरीजों को इलाज मिलना नहीं शुरू हो सका। ऐसे में ये पीएचसी महज प्रसव केंद्र बनकर ही रह गया।
बीते दिनों डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने जनकपुर पीएचसी का निरीक्षण कर तुरंत इसका संचालन शुरू करने का निर्देश प्रभारी सीएमओ डॉ. एक सिंघल को दिया था। डीएम के निर्देश पर प्रभारी सीएमओ ने तत्काल इस पीएचसी का निरीक्षण कर वहां एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट व एक लैब टेक्नीशियन तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जनकपुर पीएचसी में ओपीडी शुरू होने से स्थानीय मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। आसपास के बालापुर, नेवलगढ़, टिकुइया, टेढ़वा, सेमरी, हंसनापुर, पहलवानपुर व मचड़ी समेत थारु बहुल कई गांवों के लोगों को त्वरित इलाज मिलने लगेगा।
प्रभारी सीएमओ डॉ. एके सिंघल ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में ओपीडी शुरू करने के लिए डॉ. सूरज चौरसिया, फार्मासिस्ट बिंदेश्वरी दयाल व एक लैब टेक्नीशियन को तैनात करने की प्रक्रिया चल रही है। अगले सप्ताह से पीएचसी में मरीजों का उपचार शुरू हो जाएगा।