बलरामपुर। सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। जिला क्षय रोग अस्पताल में सीबी नॉट मशीन खराब हो गई है। ऐसे में टीबी मरीजों के बीमारी के स्तर (लेबल) की जांच नहीं हो पा रही है। हालांकि, अधिकारी ब्लॉक में लगी ट्रू-नॉट मशीन से जांच कराने की बात कह रहे हैं।
क्षय रोग से जूझ रहे मरीजों की तीन स्तर पर जांच होती है। सबसे पहले बलगम जांच व चेस्ट एक्स-रे देखकर टीबी की पुष्टि होती है। टीबी की दवा शुरू करने से पहले उसकी सीबी नॉट जांच कराई जाती है।
इससे टीबी के स्तर (लेबल) की जानकारी होती है। उसी के अनुसार मरीज की दवा शुरू की जाती है। क्षय रोग चिकित्सालय में सीबी नॉट मशीन खराब होने से यहां मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है।
सीबी नॉट (कार्टिरिज बेस्ड, न्यूक्लिक ऐसिड एंप्लीफिकेशन) मशीन में टीबी मरीजों के बलगम की जांच होती है। इसकी रिपोर्ट में मरीज को हुई टीबी का स्तर व उस पर रेजिस्टेंट दवा की जानकारी मिल जाती है। क्षय रोग अस्पताल में चार चेंबर वाली सीबी नॉट मशीन है, लेकिन एक-एक करके सभी चेंबर खराब हो गए।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सजीवन लाल ने बताया कि अस्पताल की खराब सीबी नॉट मशीन का सामान आ गया है। इंजीनियर के आते ही मशीन ठीक हो जाएगी। मशीन संचालित न होने तक प्रतिदिन ट्रू-नॉट के संचालन वाली सीएचसी पर सैंपल भेज कर जांच कराई जा रही है।