बलरामपुर। बहराइच डिपो की जनरथ में हुए अग्निकांड ने रोडवेज बसों में आग से बचाव के इंतजाम की पोल खोल कर रख दी है। बलरामपुर डिपो की भी अधिकतर बसों मेें आग से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। बसों में लगे अधिकतर अग्निशमन सिलिंडर खाली हैं, सिलिंडर के ऊपर लगने वाला गैस पाइप गायब है। कुछ बसों में सिलिंडर लगाए ही नहीं गए हैं। रोडवेज बसों में सफर करने वालों की जान हर समय सांसत में है।
बीते दिन दोपहर डिपो के बाहर सड़क पर खड़ी गाड़ी (यूपी 47 टी 0758) में सिलिंडर चालक की सीट के नीचे पड़ा मिला। सिलिंडर व रेगुलेटर पर जंग लगा था। गैस निकलने वाला पाइप भी नहीं लगा था। वहीं गाड़ी संख्या (यूपी 47 टी 2524) में सवारियां बैठी थीं, इस बस में भी सिलिंडर में गैस पाइप नहीं था। चालक ने कहा कि सिलिंडर कब रिफिल हुआ इसकी जानकारी नहीं है।
डिपो में खड़ी गाड़ी संख्या (यूपी 47 टी 1843) पर अग्निशमन सिलिंडर चालक की सीट के पीछे टंगा था। बस संख्या यूपी 47 टी 0717 की पड़ताल में अग्निकांड से बचाव का कोई संसाधन नहीं दिखा। इस गाड़ी में अग्निशमन सिलिंडर नहीं था।
डिपो में खड़ी गाड़ी संख्या यूपी 47 टी 1928 के सिलिंडर में गैस निकलने का पाइप नहीं लगा था। डिपो के जूनियर फोरमैन मोहम्मद कासिम उसे ठीक करने के लिए बस में चढ़े लेकिन सिलिंडर का लॉक नहीं खुला। वह सिलेंडर बदलवाने की बात कहकर बस से नीचे उतर आए।
कर्मचारियों ने बताया कि सिलिंडर के मीटर में गैस खत्म होने का संकेत दिखने पर उसे हटाकर गाड़ी में दूसरा सिलिंडर रख दिया जाता है। पुराने सिलिंडर की रिफिलिंग के लिए डिपो में कोई व्यवस्था नहीं है। सिलिंडर को रिफिल करने के लिए बहराइच भेजा जाता है।
बलरामपुर की स्टेशन इंचार्ज तरन्नुम ने बताया कि डिपो में 72 बसे हैं, जिनमें से 66 बसों का संचालन हो रहा है। सभी गाड़ियों में अग्निशमन सिलिंडर रखा हुुआ है। कुछ सिलिंडर में पाइप न लगे होने की जानकारी मिली है। उनमें नए पाइप लगवाए जाएंगे। डिपो के स्टॉक में दस भरे सिलिंडर रखे हुए हैं।