बलरामपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त 15 अक्टूबर तक लाभार्थियों के खाते में आने की संभावना है। इसके चलते ही कृषि विभाग के जिम्मेदार ई-केवाईसी से छूटे किसानों का शत प्रतिशत ई-सत्यापन कराने के साथ ही भूमि अंकन व अन्य खामियों को दूर कराने की कवायद में जुटे हैं। ताकि शत प्रतिशत लाभार्थियों को पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा मिल सके।
जिले में कुल 266211 किसान कृषि विभाग में पंजीकृत हैं। इनमें से अभी तक करीब 46 हजार किसानों का ई-केवाईसी नहीं हो सका है। 15 अक्टूबर तक अगर इन किसानों का केवाईसी नहीं हुआ तो उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त राशि नहीं मिल पाएगी। शत प्रतिशत किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल सके, इसके लिए कृषि विभाग कर्मचारियों की टीमें के माध्यम से गांव-गांव छूटे किसानों का ई-केवाईसी कराने के साथ अन्य खामियां दूर कराने जुटी हैं।
उप निदेशक कृषि नरेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल 46 हजार किसानों का ई-केवाईसी अटका है। इनमें से अधिकांश ऐसे बुजुर्ग हैं, जिनके अंगूठे का मिलान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उनकी ई-केवाईसी अटकी हुई है। कृषि विभाग के कर्मचारी ऐसे पात्रों को निधि का लाभ दिलवाने के लिए अब उनकी फेशियल ई-केवाईसी भी करा रहे हैं। जबकि 23 हजार किसानों का भूलेख अंकन भी अभी बाकी है। इसकी रिपोर्ट तहसीलों को दी गई है।