बलरामपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने बृहस्पतिवार को डीआईओएस कार्यालय में धरना-प्रदर्शन कर शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 21 सूत्रीय ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद को सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने पुरानी पेंशन बहाली, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के राजकीयकरण और शिक्षकों की सेवा सुरक्षा बहाल करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। कहा कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए कई बार शासन का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
जिला महामंत्री सुरेश कुमार ने पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम-2023 में सेवा सुरक्षा से संबंधित पूर्व प्रावधान बहाल करने, सहायता प्राप्त विद्यालयों का राजकीयकरण, रिक्त प्रधानाचार्य पदों पर शीघ्र भर्ती, वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सेवा नियमावली एवं मानदेय, ऑनलाइन स्थानांतरण व्यवस्था, एनपीएस अंशदान को जीपीएफ में स्थानांतरित करने, आउटसोर्सिंग नियुक्तियों पर रोक लगाने और नियमित भर्ती की मांग की गई।
संगठन ने महिला शिक्षिकाओं के लिए विशेष अवकाश, दिव्यांग शिक्षकों को गृह जनपद में नियुक्ति, लंबित एरियर के समयबद्ध भुगतान, विद्यालयों में आधारभूत संसाधनों के लिए बजट उपलब्ध कराने, मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से सेवा संबंधी सभी मामलों के ऑनलाइन निस्तारण तथा नई शिक्षा नीति के अनुरूप अवकाश व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठाई।
पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं की लगातार अनदेखी हो रही है। सरकार यदि जल्द निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस अवसर पर विवेक वर्मा, बृजेश, लल्लू प्रसाद, मो. सुहेल, मोहिउद्दीन सिद्दीकी, फिरोज अहमद, अभिषेक, पंकज पांडेय व नवीन पाल आदि मौजूद रहे।