बलरामपुर के कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे शिक्षक।-स्रोत: संगठन
बलरामपुर। टीईटी की बाध्यता को लेकर शिक्षकों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर विरोध जताया। टीईटी की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का आक्रोश कम नहीं हो रहा है। अब नौकरी के अंतिम पड़ाव पर टीईटी परीक्षा पास करना शिक्षकों के समक्ष कड़ी चुनौती बन गई है। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षामंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञानसागर पाठक, माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय, ओंकार नाथ पटेल, जूनियर हाईस्कूल संघ के अरून यादव, कमरुद्दीन अंसारी, प्राथमिक शिक्षक संघ के संयुक्त मंत्री शिव कुमार सोनी, मंत्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव, वेद प्रकाश पांडेय व काजिम अली अंसारी आदि ने धरने को संबोधित किया। कहा कि आरटीई अधिनियम 2009 व 23 अगसत 2010 की गाइडलाइन के अनुसार 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखना चाहिए। तीन अगस्त 2017 में संशोधन के बाद सभी शिक्षकों पर टीईटी लागू कर दिया गया। इस फैसले के कारण शिक्षक परेशान हैं। यह निर्णय हमारी सेवा व बच्चों की पढ़ाई दोनों के लिए चिंता का कारण है। सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे और शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखा जाए।