बलरामपुर। शहर के बालिका इंटर कॉलेज बलरामपुर में फर्जी अभिलेख के सहारे सहायक अध्यापिका बनी शिक्षिका आसमा परवीन को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ साल 2022 में 21 सितंबर में धोखे से नौकरी पाने का मामला दर्ज हुआ था। आरोपी शिक्षिका कार्यभार ग्रहण करने के बाद वेतन भी हासिल कर चुकी थी। अब शिक्षिका को वेतन मद में भुगतान की गई चार लाख रुपये की रिकवरी भी विभाग करेगा।
मनमनतल पश्चिम तरफ थाना जलालपुर जनपद अंबेडकर नगर निवासी आसमा परवीन की तैनाती नवंबर 2021 में आयोग की तरफ से बालिका इंटर कॉलेज बलरामपुर में हुई थी। तैनाती के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग एवं विद्यालय प्रबंध समिति ने जब शिक्षिका के अभिलेखों का सत्यापन कराया तो प्रस्तुत अभिलेखों में पश्चिम बंगाल के सिद्दू कान्हू बिरसा विश्वविद्यालय की लगाई गई बीएड की डिग्री फर्जी होने की पुष्टि हुई। बीएड की फर्जी डिग्री मिलने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक गोविंद राम ने सहायक अध्यापिका के खिलाफ कूट रचित अभिलेख के सहारे नौकरी करने के आरोप में केस दर्ज कराने का निर्देश दिया था। डीआईओएस के निर्देश पर सहायक अध्यापिका के खिलाफ नगर कोतवाली में केस दर्ज करा गया थाा। नगर कोतवाल विमलेश सिंह ने बताया कि आरोपी शिक्षिका को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। शिक्षा विभाग ने भी सहायक अध्यापिका को जनवरी से लेकर जून माह तक भुगतान की गई करीब चार लाख रुपये की वेतन राशि की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।