बलरामपुर। टीबी के मरीजों की सुविधा के लिए बीते दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला की पैथॉलोजी में ट्रू नॉट की क्वाटर्रा मॉड्यूल मशीन स्थापित कर दी गई। इस मशीन पर 40 मिनट में एकसाथ चार मरीजों के बलगम की जांच हो सकेगी। डॉक्टर एक घंटे में ही मरीजों को हुए क्षय रोग का स्तर भी जान लेंगे। फिर मर्ज के अनुसार उनकी दवा शुरू की जाएगी।
ट्रू नॉक का संचालन शुरू करते हुए एसीएमओ डॉ. एके शुक्ल ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। छिपे टीबी मरीजों की पहचान के लिए यह मशीन लगाई गई है। जिससे 40 मिनट में जांच कर टीबी पॉजिटिव मरीजों का उपचार शुरू हो सकेगा। अधीक्षक डॉ. चंद्रप्रकाश ने कहा कि एक हफ्ते से अधिक समय तक खांसी, बुखार व भूख न लगना टीबी के लक्षण हैं। ऐसे मरीज अस्पताल में आएं। उनकी जांच कराकर उपचार शुरू किया जाएगा। टीबी के मरीजों को प्रतिमाह 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक अविनाश विक्रम सिंह ने कहा कि पहले अस्पताल में दो सैंपल की जांच क्षमता वाली मशीन थी। इससे मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता था। नई मशीन लगने से परेशानी दूूर हो गई है। अब मरीजों को जांच के दिन ही रिपोर्ट मिल जाएगी। उन्हें अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।