बलरामपुर। छिपे हुए टीबी रोगियों की पहचान कर उनका उपचार शुरू कराने के लिए सोमवार से विशेष अभियान शुरू किया गया है। गांवों में तैनात 1875 आशा घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षण व बचाव की जानकारी देने में जुट गई हैं। टीबी के लक्षण वाले लोगों के बलगम की जांच कर पॉजिटिव मरीजों का मुफ्त इलाज शुरू किया जाएगा।
टीबी अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीवन लाल ने कहा कि सरकार ने 2025 तक भारत को टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है, इसे पूरा करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। समय पर टीबी का इलाज शुरू होने पर यह बीमारी पूरी तरह से ठीक हो जाती है। जिला कार्यक्रम समन्वयक अविनाश विक्रम सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मरीजों का प्राथमिक उपचार किया जाएगा।
सीएचओ टीबी के लक्षण वाले लोगों के बलगम की जांच कराएंगे और संक्रमित मरीज का मुफ्त इलाज शुरू किया जाएगा। साथ ही संक्रमित व्यक्ति को खानपान के लिए प्रति माह 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी। इस अवसर टीबी हेल्थ विजिटर इंद्रमणि, सीनियर टीबी लैब सुपरवाइजर सूूर्य मणि त्रिपाठी, सुमित साहू, सुरैश सैनी आदि मौजूद रहे। जिले में वर्तमान समय में टीबी के 2805 मरीज हैं। इनका इलाज कराने का दावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। नौ सीएचसी पर टीबी की जांच के लिए अलग से यूनिट बनाई गई है। साथ ही डाट्स प्रोवाइडर के माध्यम से मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है।