बलरामपुर के संस्कृत महाविद्यालय में मिठाई बांटते शिक्षक व विद्यार्थी।-स्रोत: महाविद्यालय
बलरामपुर। महाराजा जयेंद्र प्रताप सिंह काे पुत्री रत्न प्राप्त होने पर राजमहल में जश्न का माहौल है। राजमहल के साथ राज परिवार से जुड़े सभी लोगों एवं संस्थानों ने मिठाई बांटकर खुशियां मनाईं। राजपरिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि 17 साल बाद राज परिवार में पुत्री के रूप में लक्ष्मी का आगमन हुआ है। इससे हर तरफ खुशी का माहाैल है।
रविवार को महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद सिंह आदर्श स्नातकोत्तर संस्कृत महाविद्यालय में विद्यार्थियों को मिठाई बांटी गई। प्राचार्य देव मित्र त्रिपाठी ने कहा कि राज परिवार में कई वर्षों बाद बेटी ने जन्म लिया है। महाराजा के घर लक्ष्मी के आगमन पर विद्यालय के सभी शिक्षक व विद्यार्थियों ने खुशी जताते हुए बधाई दी। इस अवसर पर शिक्षक योगेश कुमार मिश्र, सुरेश कुमार पांडेय व संवेदना सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं राज परिवार के प्रबंधक व सलाहकार बीके सिंह ने बताया कि महाराजा जयेंद्र प्रताप सिंह की शादी वर्ष 2008 में पाकिस्तान के राजघराना अमरकोट की राजकुमारी महालक्ष्मी से हुई थी। 17 साल बाद राज परिवार में पुत्री के रूप में लक्ष्मी के आगमन से हर कोई खुशी मना रहा है।