बलरामपुर। ग्राम पंचायतों को रोशन बनाए रखने में अब समूह की महिलाओं का सहयोग लिया जाएगा। गांवों में लगे सोलर स्ट्रीट लाइटों की देखरेख व मरम्मत की जिम्मेदारी समूह की महिलाओं को सौंपी जाएगी। इससे न सिर्फ महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलेगा वरन साथ ही स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव बेहतर ढंग से होने से गांवों को भी रोशन बनाने में मदद मिलेगी। इस काम के बदले समूह की महिलाओं को स्ट्रीट लाइट की लागत का ढाई प्रतिशत कमीशन के रूप में पांच वर्षों तक दिया जाएगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित समूह की महिलाओं के उत्थान एवं स्वरोजगार की दिशा में नई पहल शुरू की गई है। इससे गांव की महिलाओं को गांव में ही रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। जिले के नौ ब्लॉकों की 793 ग्राम पंचायतों में सूर्य सखियां तैनात की जानी है। इसके लिए एनआरएलएम विभाग महिलाओं के चयन में जुट गया है।
चयनित महिलाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण
एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक अखिलेश मौर्य ने बताया कि ग्राम पंचायतों में महिलाओं के चयन की प्रक्रिया चल रही है। चयन के बाद महिलाओं को स्ट्रीट लाइट के रखरखाव एवं मरम्मत कार्य का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पाने के बाद महिलाओं को गांवों में तैनात किया जाएगा। गांव में तैनात होने वाली महिलाओं को सूर्य सखी नाम दिया जाएगा।
चयन के लिए निर्धारित की गई योग्यता
सूर्य सखी बनने के लिए महिलाओं को किसी स्वयं सहायता समूह का सदस्य होना चाहिए। महिला की उम्र 18 से 45 वर्ष के बीच में होनी चाहिए। महिला को कम से कम हाईस्कूल उत्तीर्ण तथा अंकगणित का ज्ञान होना चाहिए। आवेदन करने वाली महिला शादीशुदा होनी चाहिए।
उपायुक्त एनआरएलएम बलरामपुर मंजू त्रिवेदी ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सूर्य सखी का चयन किया जाना है। ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर चयन प्रक्रिया चल रही है। पात्रता के आधार पर महिलाओं का चयन किया जाएगा।
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