बलरामपुर। अंतरराज्यीय स्तर पर गो-तस्करी करने वाले गिरोह के सरगना व गोवध मामले में 25 हजार के इनामी गुलाम वारिस उर्फ चिनके को बृहस्पतिवार को स्पेशल टास्क फोर्स ने गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय पुलिस गुलाम वारिस पर दर्ज मुकदमों को खंगाल रही है।
वर्ष 2023 में गैसड़ी थाने में गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें गुलाम वारिस उर्फ चिनके पुत्र जुम्मन, निवासी ग्राम बभनपुरवा, थाना कोतवाली गैसड़ी को आरोपी बनाया गया था। लेकिन, वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था। इस पर पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ के सीओ प्रमेष कुमार शुक्ला के नेतृत्व में टीम लगाई गई थी।
एसटीएफ के उप निरीक्षक सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने बृहस्पतिवार की शाम को तुलसीपुर से जरवा जाने वाली रोड पर चीनी मिल के पास से गुलाम वारिस को पकड़ लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, एक हजार रुपये नकद व एक डेबिट रूपे कार्ड बरामद किया गया है। एएसपी योगेश कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
वारदात के बाद भाग गया था मुंबई
एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार गुलाम वारिस उर्फ चिनके पिछले काफी समय से गोवंशीय पशुओं की तस्करी करता था। वह अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न जनपदों व प्रदेशों से गोवंश को खरीदकर बिहार, बंगाल आदि राज्यों में उसकी सप्लाई करता था। बीते वर्ष गैसड़ी में मुकदमा दर्ज होने व इनाम घोषित होने के बाद वह यहां से भागकर मुंबई चला गया। एक सप्ताह पहले ही वह यहां वापस आया था।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने आरोपी गुलाम वारिस उर्फ चिनके का आपराधिक इतिहास खंगालना शुरू कर दिया है। अभी तक गैसड़ी में उसके खिलाफ छह मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। एएसपी का कहना है कि अन्य थानों से भी जानकारी एकत्र की जा रही है।