बलरामपुर के हरैया सतघरवा में घने कोहरे के बीच लाइट जलाकर गुजरते वाहन ।-संवाद
बलरामपुर। रविवार सुबह जिले में घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता मात्र 10 मीटर तक सिमट गई, जिससे हाईवे समेत विभिन्न मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। हालात ऐसे रहे कि छोटे वाहन बड़े वाहनों के पीछे चलने को मजबूर नजर आए। सफर करने वालों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लखनऊ से आने वाले यात्री राजेश कुमार, प्रमोद और इजहारुल हसन ने बताया कि पांच घंटे में पूरी होने वाली यात्रा में आठ घंटे लग गए। कोहरे के चलते जैसे-तैसे गंतव्य तक पहुंचे। सुबह के समय दुकानों के शटर 10 से 11 बजे तक नहीं खुले। दोपहर बाद धूप निकली तो लोगों को कुछ राहत मिली और बाजारों में हलचल बढ़ी, लेकिन शाम होते ही फिर ठंड और कोहरे का असर दिखाई देने लगा।
रविवार को न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ठंड के कारण लोग घरों में दुबके रहे। जो लोग बाहर निकले, वह अलाव के सहारे खुद को गर्म करते दिखे। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी लालचंद्र ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कराई गई है, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके।
गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है कोहरा
जहां कोहरे से जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं यह गेहूं की फसल के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। किसान राजाराम गौतम और इरफान अली ने बताया कि कोहरे से नमी बनी रहती है, जिससे फसल का विकास बेहतर होता है। जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने भी बताया कि कोहरा फसलों के लिए लाभदायक है और इससे सिंचाई की जरूरत कुछ हद तक कम होती है।
अभी राहत की नहीं है उम्मीद
जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अगले दो से तीन दिन तक कोहरे और ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। हालांकि दिन में धूप निकल सकती है।