बलरामपुर। मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद जिले में सड़कों की हालत नहीं सुधर रही है। जिला मुख्यालय छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की हालत बद से बदतर है।
जिन सड़कों का निर्माण कराया भी जा रहा है वह भी 5-6 महीने में ही उजड़ने लगती हैं। सड़कों की खस्ताहाली से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। पर्याप्त बजट होने के बावजूद सड़कों की दशा में कोई सुधार का प्रयास नहीं किया जा रहा है।
जिले में आयोजित कार्यक्रमों में दौरान कई बार सीएम योगी आदित्यनाथ व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने सड़कों की दशा सुधारने के लिए मंच से अधिकारियों को निर्देश दिया। सड़कों की हालत सुधारने के लिए पर्याप्त बजट भी आवंटित किया गया है।
बावजूद इसके सड़कों की हालत सुधरने के बजाए दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। महेशभारी से होते हुए जुआथान व भैंसहवा तक जाने वाला मार्ग का निर्माण करीब छह माह पूर्व ही कराया गया है।
सड़क बनते ही जगह-जगह उजड़ने लगी है। क्षेत्रवासी नीरज मिश्रा, आशीष सिंह, मोहित व विवेक आदि ने बताया कि कई बार मांग करने के बाद किसी तरह सड़क की मरम्मत कराई गई।
लेकिन क्वालिटी घटिया होने के कारण सड़क 5-6 महीने में ही उजड़ने लगी। इसी तरह अमरहवा चौराहा-बिराहिमपुर-शेखापुर जाने वाली सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है।
बरदौलिया-ललिया बाजार जाने वाली सड़क की हालत भी दिनोदिन खराब होती जा रही है। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी से सड़क मरम्मत कराए जाने की मांग की है।