बलरामपुर। आईसीएसई बोर्ड की हाईस्कूल व आईएससी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले मेधावियों के घर व कॉलेज में रविवार को जश्न का माहौल दिखा। परीक्षा परिणाम देखकर उत्साह से लबरेज मेधावी अब उच्च शिक्षा ग्रहण कर देश व समाज की सेवा करने की चाह रखते हैं। कोई इंजीनियरिंग को अपना कॅरिअर बनाना चाहता है तो कोई कंप्यूटर साॅफ्टवेयर के क्षेत्र में नाम रोशन करने का सपना संजो रहा है। इस साल जिले में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावियों में डॉक्टर व तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा पनप रहा है। परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार व गुरुजनों को दिया है।
दुकानदार के बेटे ने पाया दूसरा स्थान
हरैया सतघरवा क्षेत्र के बरदौलिया बाजार में सरिया व सीमेंट की दुकान चलाने वाले अखिलेश तिवारी के बेटे प्रभात ने आईएससी बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। बेटे की इस उपलब्धि से परिवार समेत पूरे बाजार में खुुशी का माहौल है। दोपहर से ही लोग घर पहुंचकर प्रभात को बधाई दे रहे हैं। प्रभात अभी आईआईटी की तैयार कर रहे हैं। वह आईआईटी कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बीटेक कर नाम कमाना चाहते हैं। वह अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, शिक्षक व परीक्षा के समय मार्गदर्शन करने वाले बड़े भाई प्रशांत तिवारी को देते हैं।
डॉक्टर बन पूरा करूंगा मम्मी-पापा का सपना
आईएससी बोर्ड इंटरमीडिएट में जनपद स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले प्रांजल मिश्र डॉक्टर बनने के लिए कोटा में नीट की तैयारी कर रहे हैं। धुुुसाह में रहने वाले उनके पिता संजीव कुमार जीवन बीमा के कर्मचारी व मां विंध्यवासिनी गृहणी हैं। प्रांजल ने बताया कि उनके माता-पिता ने शुरूआत से ही बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना संजो रखा है। उनका सपना पूरा करने के लिए वह प्रतिदिन छह से सात घंटे पढ़ाई करते थे। इस समय भी वह नीट में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रतिदिन 12 घंटे पढ़ाई करते हैं। प्रांजल ने बताया कि सही प्रबंधन व स्लेबस को ध्यान में रखकर तैयारी करके सफलता हासिल की जा सकती है।
सक्षम की साॅफ्टवेयर इंजीनियर बनने की तमन्ना
आईसीएसई बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा में जिले के टॉपर बने सक्षम श्रीवास्तव की उपलब्धि पर उनके पिता विनीत श्रीवास्तव व माता बबिता श्रीवास्तव गदगद हैं। इनका कहना है कि बेटे ने परिवार का नाम रोशन कर दिया है। सक्षम अपनी सफलता का श्रेय परिजन व शिक्षकों को देते हैं। सक्षम बताते हैं कि वह बीटेक के जरिए साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहते हैं। उनका सपना है कि साॅफ्टवेयर के क्षेत्र में कोडिंग करते हुए नाम रोशन करें। सक्षम बताते हैं कि लक्ष्य के अनुसार कठिन परिश्रम करके सफलता पाई जा सकती है।
यू-ट्यूब से पढ़ाई कर पाई सफलता
नगर के पहलवारा मोहल्ले में साइबर कैफे की दुकान चलाने वाले सुनील कुमार का बेटा अंश ने आईसीएसई बोर्ड 10वीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले की टॉप फाइव रैंकिंग में जगह बनाई है। वह अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, शिक्षक व बेहतर ज्ञान देने वाले यू-ट्यूब को देते हैं। अंश ने बताया कि वह पढ़ाई के समय आने वाली परेशानी का हल यू-ट्यूब पर ढूंढ़ते हैं। इससे तैयारी से जुड़ी बारीकियां सीखकर ही उन्हें यह उपलब्धि मिली है।