फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...तो कागजों में ही बांटे थे उज्ज्वला योजना के कनेक्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। भार्गव इण्डेन गैस एजेंसी जुड़ीकुंइया पचपेड़वा से बीते दिनों बरामद हुए अवैध रसोई गैस सिलेंडर की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों का आरोप है कि एजेंसी संचालक ने उनके नाम से कनेक्शन तो आवंटित कर दिया लेकिन उन्हें कनेक्शन ही नहीं दिया। एजेंसी के गोदाम व अन्य स्थानों से अब तक कुल 5314 सिलेंडर बरामद किए गए हैैं।
विज्ञापन

मामले में गैस एजेंसी संचालक समेत पांच लोगों के खिलाफ पचपेड़वा थाने में ईसी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अब इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की टीम बरामद सिलेंडरों का सत्यापन डोर-टू-डोर करने में जुटी है। सत्यापन के बाद ये पता चलेगा कि बरामद सिलेंडर किस योजना के हैं। फिलहाल एजेंसी के उपभोक्ताओं को आसपास की एजेंसियों से संबद्ध कर दिया गया है।
विदित हो कि भार्गव गैस एजेंसी को आसपास के करीब 27 गांवों के गरीबों को उज्ज्वला योजना के कनेक्शन देने की जिम्मेदारी दी गई थी। एजेंसी मालिक राम गोपाल तिवारी का कहना है कि आसपास की एजेंसियों के मालिकों द्वारा काम करने में असमर्थता जाहिर करने के बाद उन्हें इन गांवों की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रशासन के कहने पर राम गोपाल ने कनेक्शन तो जारी कर दिए लेकिन आवश्यक प्रपत्र न मिलने के चलते उन्हें अपलोड नहीं किया जा सका।
विज्ञापन

एजेंसी से करीब नौ हजार लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन देने का दावा किया जा रहा है। बरामद सिलेंडरों की जांच करने वाली टीम इस निष्कर्ष पर ही नहीं पहुंच पाई कि ये सिलेंडर किस योजना के हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की टीम भी बरामद सिलेंडरों का सत्यापन प्रपत्रों के सहारे डोर-टू-डोर करने में जुटी है। फिलहाल भार्गव गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं को आसपास की एजेंसियों से संबद्ध किया जा रहा है ताकि उन्हें गैस मिलने में कोई परेशानी न हो।
भार्गव गैस एजेंसी से उज्ज्वला योजना की लाभार्थी राजी, रजिया, अनीता, सुनैना, मनीषा, सरिता आदि का कहना है कि वे करीब डेढ़ साल से कनेक्शन लेने के लिए एजेंसी के चक्कर काट रही हैं। एजेंसी पर आज-कल आने का झांसा दिया जाता है। आसपास की एजेंसी पर गए तो पता चला कि हम लोगों का कनेक्शन भार्गव गैस एजेंसी के यहां पहले से ही कागजों में दे दिया गया है। जिन्हें कनेक्शन दिया भी गया उनमें से अधिकांश के कागजात एजेंसी द्वारा नहीं दिए गए। कनेक्शन देने के नाम पर लाभार्थियों से अवैध वसूली भी की गई। इन लोगों ने प्रदर्शन करते हुए शासन-प्रशासन से योजना के तहत रसोई गैस सिलेंडर व अन्य सामान दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें