बलरामपुर। शहर के बाहर- बाहर रिंगरोड़ निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। दुल्हनपुर से तुलसीपुर रोड़ के बिजली भवानी मंदिर तक के रोड़ के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। इसके लिए 150 किसानों से हुए बैनामे के बाद मिट्टी पटाई का कार्य भी शुरू हो गया है।
इसके साथ ही दूसरे चरण के लिए तीन सौ किसानों से जमीन का बैनाम कराने के लिए भी पंजीकरण कार्य पूरा हो चुका है। रिंगरोड प्रोजेक्ट के लिए करीब 2250 किसानों से भूमि ली जानी है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि अधिग्रहण के बाद मिट्टी पटाई का कार्य पूरा होते ही रिंग रोड का निर्माण शुरू होगा।
रिंग रोड के निर्माण से गोंडा, बहराइच व तुलसीपुर की ओर जाने वाले वाहनों को नगर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। गोंडा मार्ग पर दुल्हिनपुर जंगल से बहराइच रोड पार करते हुए बिजलीपुर गांव के पास पेट्रोल पंप के सामने तक आधा रिंग रोड का निर्माण कराया जाएगा, जो सदर विकास खंड के 16 गांवों को जोड़ेगी। इससे करीब डेढ़ लाख की आबाद को आए दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
नगर में 516 करोड़ से टू-लेन आधा रिंग रोड के निर्माण की योजना है। दुल्हिनपुर से बिजलीपुर गांव के पास पेट्रोलपंप के सामने तक 21 किमी लंबे व 45 मी. चौड़े रिंग रोड का निर्माण 171 करोड़ से होगा। इसके लिए 16 गांवों में जमीन अधिग्रहण व एक फ्लाईओवर के निर्माण में 275 करोड़ खर्च होंगे।
रिंग रोड दुल्हिनपुर गांव से सिरसिया, बालपुर, शंकरपुर, गोपालपुर, कोयलरा, सेखुईकला, शेखरपुर, हसुवाडोल, कलंदरपुर, पयागपुर, बरांव, ज्योनार, गनवरिया, बेलवा सुल्तानजोत व बलरामपुर देहात से होकर बिजलीपुर गांव के पास पेट्रोल पंप के सामने निकलेगा।
दूसरे भाग का प्रस्तावित रिंग रोड एनएच-730 बौद्ध परिपथ के किमी 331 के दायें तरफ बिजलीपुर गांव से निकलेगी। यहां से कटरा शंकर नगर, सोनार गांव व मझउवा गांव से होते हुए उतरौला रोड पर निकलेगी। जिलाधिकारी ने अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड से पूरा प्रस्ताव मांगा है। जिलाधिकारी ने बताया कि बिजलीपुर-उतरौला बाई पास बन जाने से नेपाल, तुलसीपुर, उतरौला, गोंडा, बस्ती को जाने वाले लोगों को बलरामपुर शहर में नहीं आना पड़ेगा।