बलरामपुर के वीर विनय चौराहा के पास स्थित मिठाई की दुकान पर खरीदारी करते लोग।
बलरामपुर। रक्षाबंधन त्योहार पर राखी व कपड़ों के साथ मिठाइयों की दुकानें भी सज गईं हैं। इस बार रक्षाबंधन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है। लोग पंडितों और ज्योतिषाचार्यों से जानकारी कर रहे हैं। विद्वानों के अनुसार 31 अगस्त की सुबह 9.30 बजे तक रक्षाबंधन त्योहार मनाना सबसे शुभ है। ऐसे में लोग तैयारी में जुट गए हैं। जिले की मशहूर मिठाइयां छेना खीर, मलाई चमचम व कालाजाम की डिमांड तेत हो गई है। इसे खिलाकर बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधेंगी।
30 अगस्त की सुबह दस बजे से 31 अगस्त सुबह 9:30 बजे तक पूर्णिमा रहेगी। श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। धर्माचार्य पंडित बजरंगी प्रसाद शास्त्री का कहना है कि 30 अगस्त को सुबह दस बजे से पूर्णिमा का संयोग बन रहा है। मगर 30 अगस्त को दस बजकर 13 मिनट पर पूर्णिमा शुरू होते ही भद्रा का प्रवेश हो जाएगा और रात्रि में आठ बजकर 58 मिनट तक भद्रा का असर रहेगा। शास्त्रों के अनुसार भद्रा में रक्षाबंधन का त्योहार कष्टकारी होता है। इसलिए 30 अगस्त को रात्रि आठ बजकर 59 मिनट से 31 अगस्त की सुबह 9:30 बजे तक रक्षाबंधन का त्योहार मनाना शुभ रहेगा। लेकिन उदया तिथि में त्योहार मनाने की परंपरा है। ऐेसे में 31 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाया जाएगा। संवाद