बलरामपुर। जिले में क्षय रोग नियंत्रण अभियान को झटका लगा है। रोकथाम की तमाम कोशिशों के बाद भी जिले में टीबी मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते दिनों चलाए गए सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान (एसीएफ) में हुई पांच लाख लोगों की स्क्रीनिंग में लक्षण मिलने के आधार पर 1713 व्यक्तियों के बलगम की जांच कराई की गई। जांच में 71 लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव मिली है। इसके चलते जिले में क्षय रोगियों की संख्या इस वर्ष बढ़कर 4405 पहुंच गई है।
वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए प्रदेश भर में 23 नवंबर से पांच दिसंबर तक सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चलाया गया। अभियान के तहत जिले में पांच लाख लोगों की स्क्रीनिंग के लिए 118 टीमें लगाई गई थीं। अभियान की निगरानी के लिए 24 पर्यवेक्षक भी तैनात थे। संवाद
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सजीवन लाल ने बताया कि अभियान में सब्जी व फल मंडी, श्रमिक बाजार, वृद्धाश्रम, जिला कारागार, चीनी मिल तुलसीपुर, हाट बाजार, ईट भट्ठा व मलिन बस्तियों सहित भीड़भाड़ वाले स्थानों से पांच लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई।
स्क्रीनिंग के समय टीबी का लक्षण मिलने पर 1713 व्यक्तियों के बलगम की जांच करने पर 71 लोग टीबी संक्रमण से पॉजीटिव मिले। इनमें से 65 मरीजों में फेफड़े की टीबी तथा छह मरीजों के अन्य अंगों में टीबी का संक्रमण पाया गया। जांच में पॉजीटिव मिले मरीजों को दवा देने के साथ ही उपचार व पोषण के लिए आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही हर मरीज को पोषण के लिए प्रतिमाह 500 रुपये की धनराशि भी दी जाएगी।
जिला कार्यक्रम समन्वयक क्षय रोग अविनाश विक्रम सिंह ने बताया कि जिले में इस साल जनवरी माह से लेकर 10 दिसंबर तक 4405 टीबी के मरीज पंजीकृत हुए हैं। इनमें से 1677 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 2728 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है। इस दौरान 2932 मरीजों को डीबीटी के माध्यम से 61.47 लाख रुपये की पोषण राशि भी मुहैया कराई जा चुकी है।
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि यदि किसी भी व्यक्ति में टीबी के लक्षण दिखें तो इसकी सूचना जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र को देना चाहिए। टीबी जांच के लिए बलगम का नमूना किसी भी सरकारी अस्पताल पर दिया जा सकता है। अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता और एएनएम की मदद से टीबी जांच और उपचार की सुविधा प्राप्त की जा सकती है।