बलरामपुर। गैसड़ी निवासी शहरोज अहमद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने मुंबई में आतंकी इकाई तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। वह सामाजिक माध्यमों और व्यक्तिगत संपर्कों से जेहादी सोच वाले युवाओं की तलाश कर रहा था।
एटीएस ने कई सप्ताह की गोपनीय निगरानी के बाद शहरोज को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी से आईएसआई के एक बड़े तंत्र को सक्रिय होने से पहले ही झटका लगा है। शहरोज लखनऊ, बहराइच, बलरामपुर के गैसड़ी और तुलसीपुर क्षेत्रों में युवाओं की तलाश कर रहा था। एटीएस अब उसके स्थानीय और अंतरराज्यीय संपर्कों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उसके मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की न्यायिक विज्ञान जांच की जा रही है, जिसमें कॉल विवरण और विदेशी संपर्कों की पड़ताल शामिल है। एजेंसियों को उम्मीद है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से तंत्र से जुड़े अन्य लोगों और विदेशी धनपोषण की अहम जानकारी मिलेगी। एटीएस जल्द ही शहरोज को लेकर दोबारा बलरामपुर आ सकती है ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में संभावित ठिकानों की जांच की जा सके। शहरोज की गिरफ्तारी के बाद बलरामपुर, बहराइच और भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।