बलरामपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने भ्रूण हत्या के मामले में दोषी एक महिला को सात वर्ष के सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह ने गुरुवार को बताया कि कोतवाली उतरौला में 30 जनवरी 2016 को रक्षाराम कोरी ने प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया कि बीती रात मामूली विवाद में सुनीता देवी ने उसकी छह माह की गर्भवती पत्नी की पिटाई कर दी। इससे उसकी पत्नी का गर्भपात हो गया।
पुलिस ने मुकदमा दर्जकर ग्राम छीतरपारा, उतरौला निवासी सुनीता देवी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिला जज लल्लू सिंह ने सुनीता को मारपीट व भ्रूण हत्या का दोषी मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर सुनीता को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।