चिकित्सक व मरीज के बीच मारपीट के मामले की जांच कर रही पुलिस, ओपीडी के समय लगाए गए दो पुलिस कर्मी
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। जिला मेमोरियल चिकित्सालय में बृहस्पतिवार को चिकित्सक व मरीज के बीच हुई मारपीट के बाद अब स्वास्थ्य महकमा सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गया है। विभाग ने जिले के छह सरकारी अस्पतालों में पूर्व सैनिकों को सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात करने का निर्णय लिया है। सुरक्षा गार्ड की तैनाती के लिए सीएमओ ने पूर्व सैनिक कल्याण निगम को पत्र लिखा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि जिला चिकित्सालयों सहित सरकारी अस्पतालों में मरीज व तीमारदारों द्वारा आए दिन चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों से विवाद होता रहता है। कभी-कभार मारपीट की घटनाएं भी हो जाती हैं।
बीते दिन जिला मेमोरियल चिकित्सालय में मरीज व तीमारदारों द्वारा चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ झड़प की गई थी। आए दिन विवाद की घटनाओं को देखते हुए मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशानुसार संयुक्त जिला चिकित्सालय, जिला मेमोरियल चिकित्सालय व जिला महिला चिकित्सालय सहित सीएचसी उतरौला, तुलसीपुर व पचपेड़वा में पूर्व सैनिकों को सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात किए जाने के लिए पत्र लिखा गया है।
वहीं, कोतवाली पुलिस चिकित्सक व मरीज के बीच हुए मारपीट के मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। कोतवाल शैलेश सिंह का कहना है कि ओपीडी के समय अतिरिक्त तौर पर पुलिस कर्मियों को लगाया गया है।