बलरामपुर में स्थित प्राथमिक विद्यालय बेली।-संवाद
महाराजगंज तराई (बलरामपुर)। परिषदीय विद्यालयों की विलय नीति से बच्चों की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है। तुलसीपुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बेली का विलय बाढ़ प्रभावित रेवतीपुरवा गांव के प्राथमिक विद्यालय में कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण बरसात के दिनों में स्कूल अक्सर बंद ही रहता है। बाढ़ के दिनों में बच्चों का स्कूल पहुंच पाना संभव नहीं होगा, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी।
प्राथमिक विद्यालय रेवतीपुरवा बाढ़ क्षेत्र में पढ़ता है। इसकी दूरी भी प्राथमिक विद्यालय बेली से करीब डेढ़ किलोमीटर है। प्राथमिक विद्यालय बेली में पंजीकृत 49 छात्रों को अब पढ़ने के लिए प्राथमिक विद्यालय रेवतीपुरवा जाना पड़ेगा, जहां 45 छात्रों का नामांकन पहले से ही है। सहायक अध्यापक पूजा चाहर व शिक्षामित्र अनीता यादव को भी रेवतीपुरवा विद्यालय में तैनाती दी गई है। यहां पर पहले से ही सहायक अध्यापक रामनरेश व सहायक अध्यापक बलबीर सिंह कार्यरत हैं। प्राथमिक विद्यालय बेली के 49 छात्रों के साथ अब प्राथमिक विद्यालय रेवतीपुरवा में छात्रों की संख्या 94 हो गई है। ऐसे में छात्रों की संख्या के हिसाब से यहां शिक्षकों की संख्या अधिक हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि बाढ़ के दिनों में विद्यालय बंद ही रहता है। ऐसे में शिक्षक कम हों या ज्यादा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बच्चों की पढ़ाई तो प्रभावित होनी ही है। (संवाद)
स्कूल पहुंचना होगा नामुमकिन
कक्षा तीन के छात्र सचिन एवं कक्षा एक के छात्र आनंद ने बताया कि गांव के स्कूल का विलय दूसरे गांव में कर दिया है। बाढ़ के दिनों में रास्ते में पानी भरा रहता है। ऐसे में हम लोग स्कूल नहीं जा पाएंगे। अभिवावक राजकुमार यादव ने बताया कि उनका पुत्र विशू यादव प्राथमिक विद्यालय बेली में कक्षा दो में पढ़ता था। विद्यालय का विलय होने पर बेटे का नाम एक निजी स्कूल में लिखवा दिया है। अभिभावक दीनानाथ ने बताया कि ग्राम पंचायत रेवतीपुरवा बाढ़ प्रभावित गांव है। गांव के एक तरफ खरझार नाला तो दूसरे तरह राप्ती नदी पड़ती है। ऐसे में बाढ़ आने पर बच्चे प्राथमिक विद्यालय रेवतीपुरवा में पढ़ने के लिए नहीं जा पाएंगे।
शासन के निर्देश पर हुआ है विलय
प्राथमिक विद्यालय बेली का विलय शासन के निर्देशानुसार किया गया है। पूरा क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है। बच्चों को पढ़ाई में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका ख्याल रखा जाएगा। - स्वामीनाथ, खंड शिक्षा अधिकारी, तुलसीपुर