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Balrampur News: स्कूली बसें बनीं काल, एक महीने में दो लोगों की गई जान

Tue, 04 Aug 2026 10:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-15-बलरामपुर में स्कूली वाहन की जांच करते अ​धिकारी ।-संवाद
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बलरामपुर। जिले में एक महीने के भीतर स्कूली बसों से जुड़े दो हादसों में एक मासूम छात्र और एक बुजुर्ग की मौत ने स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों मामलों में बस में चालक के अलावा कोई सहायक मौजूद नहीं था। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से प्रशासनिक निगरानी और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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ताजा मामला देहात कोतवाली क्षेत्र के चिल्हीकला गांव का है। सोमवार को रोवारी स्थित सुशीला देवी इंटर कॉलेज की बस से उतरते समय कक्षा एक के 11 वर्षीय छात्र सत्यम वर्मा की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्र पूरी तरह बस से उतर भी नहीं पाया था कि चालक ने वाहन आगे बढ़ा दिया। संतुलन बिगड़ने से वह पहिए की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इससे पहले 13 जुलाई को गौरा चौराहा क्षेत्र में जय हिंद पब्लिक स्कूल की बस की टक्कर से ग्राम भोजपुर कोल्हुईया निवासी 70 वर्षीय बिट्टा की जान चली गई थी। दोनों हादसों में बस में कोई सहायक मौजूद नहीं था।

ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अधिकांश स्कूली वाहनों में बच्चों को सुरक्षित चढ़ाने और उतारने के लिए सहायक तैनात नहीं किए जाते। अभिभावकों का कहना है कि कई स्कूलों में सुरक्षा नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
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जिले के 170 निजी विद्यालयों में करीब 400 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। परिवहन विभाग के अनुसार 16 वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है, जबकि 21 वाहन 15 वर्ष की निर्धारित आयु पूरी कर चुके हैं और उनका संचालन बंद करा दिया गया है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी बृजेश यादव ने बताया कि अप्रैल और जुलाई में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान नियमों के उल्लंघन पर पांच स्कूली वाहनों को सीज किया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आगे भी सघन जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।
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