गोंडा। बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण कराने में
विद्यालय संचालकों की तरफ से बरती जा रही लापरवाही का खामियाजा पांच हजार छात्रों को भुगतना पड़ सकता है। प्रमाणीकरण न होने से जिले के 160 कॉलेजों के पांच हजार छात्र अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की बेगम हजरत महल छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठाने से वंचित हो सकते हैं। इस परेशानी से बचने के लिए प्रशासन ने बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण की अंतिम तिथि को 8 सितंबर तक बढ़ा दिया है।
इस मामले को लेकर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विद्यालय प्रबंधकों व विभागीय अधिकारियों की एक बैठक भी हुई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया कि भारत सरकार की छात्रवृत्ति योजना-2022-23 के तहत जिले के 160 कॉलेजों से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को 9435 आवेदन मिले थे। मगर बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण न होने के कारण आवेदकों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई। प्रमाणीकरण कार्य की तिथि को तीसरी बार आठ सितंबर तक बढ़ाया गया है। इसके बाद सत्यापन कर डिफाल्टर कॉलेजों की सूची तैयार की जाएगी। अभी तक 5702 छात्रों के अलावा 160 कॉलेजों के प्रबंधकों ने छात्रवृति लाभ लेने के लिए बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराया है।