बलरामपुर के श्रीदत्तगंज में साड़ी खरीदती महिला ।
श्रीदत्तगंज। सावन की दस्तक के साथ ही क्षेत्र के साड़ी बाजारों में रौनक लौट आई है। हरियाली तीज, सावन के सोमवार और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्वों को लेकर महिलाओं ने अभी से खरीदारी शुरू कर दी है। इससे कपड़ा कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
बाजारों में हरे रंग की साड़ियों की सबसे अधिक मांग है। शृंगार सामग्री और मैचिंग चूड़ियों की बिक्री भी तेजी पकड़ने लगी है। श्रीदत्तगंज बाजार के अलावा महदेइया, शुक्लागंज और चमरूपुर बाजारों में सुबह से शाम तक महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ दिख रही है। दुकानों पर हरे रंग की सिल्क, जॉर्जेट, कॉटन, प्रिंटेड और फैंसी साड़ियों की आकर्षक श्रृंखला ग्राहकों को लुभा रही है। साड़ियों के साथ मैचिंग ब्लाउज पीस, चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी और अन्य शृंगार सामग्री की खरीदारी भी जोरों पर है। व्यापारियों ने ग्राहकों की पसंद के अनुसार नए डिजाइनों और विभिन्न बजट की साड़ियों का पर्याप्त भंडार मंगाया है। व्यापारी विनोद गुप्ता, कृष्ण कुमार, राजेश गुप्ता और गुलजारी लाल ने बताया कि ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हरे रंग की साड़ियों की मांग सर्वाधिक है। इसके अलावा हल्के कपड़े और सूती साड़ियां भी महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई हैं।
व्यापारियों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो सावन भर कारोबार में तेजी बनी रहेगी। रक्षाबंधन तक भी अच्छी बिक्री की उम्मीद है। कपड़ा कारोबार के साथ-साथ रेडीमेड वस्त्रों की बिक्री भी बढ़ी है। कॉस्मेटिक और शृंगार सामग्री की दुकानों पर भी अच्छी बिक्री हो रही है। यह चहल-पहल सभी बाजारों में देखी जा रही है। बाजारों में बढ़ती ग्राहकों की चहल-पहल से छोटे व्यापारियों में भी अच्छे कारोबार की उम्मीद जगी है।
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हरा रंग क्यों है खास
सावन माह में महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना के दौरान हरे रंग के वस्त्र धारण करना शुभ मानती हैं। पंडित हरिश्चंद्र तिवारी बताते हैं कि हरियाली, समृद्धि और सुख-समृद्धि का प्रतीक होने के कारण इस मौसम में हरे रंग की साड़ियों और शृंगार सामग्री की मांग हर वर्ष सबसे अधिक रहती है।